जेल में बंद मां को बाहर निकलवाने चक्कर काट रहीं मासूम बेटियां
बच्चियों का आरोप पिता ने पुलिसकर्मी के साथ मिलकर झूठे केस में फंसाया
बिलासपुर। सरकंडा पुलिस ने एनडीपीएस के केस में महिला को जेल भेजने के मामले में मासूम बेटियां जिला प्रशासन का चक्कर काट रही हैं। झूठे केस में जेल में बंद मां को बाहर निकालने के लिए गुहार लगा रही हैं।
मुंगेली जिले के टेढ़हाखार निवासी रामसिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी बहन रानी सिंह और बहनोई रामकिशोर सिंह के बीच कई सालों से परिवारिक विवाद चल रहा है। रामकिशोर सिंह मेडिकल कारोबारी है। पति से अलग होने के बाद रानी सिंह बंधवापारा में अपने 2 बच्चों के साथ रहती है और अपने 13 साल का भतीजा भी साथ रहता है। राम सिंह का आरोप है कि रानी को केस वापस लेने के लिए उसका पति राम किशोर दबाव बना रहा था। बार-बार उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देता था। रामकिशोर मेडिकल कारोबारी होने का फायदा उठाकर भारी मात्रा में नशीली टेबलेट व अन्य सामान को थैला में भरकर रानी के मकान के छत पर फेंक दिया था। फिर वह सरकंडा पुलिसकर्मी शैलेंद्र सिंह के साथ मिलीभगत कर रानी के घर में रेड कार्रवाई की गई। पुलिस ने थैला में भरा नशे का सामान के साथ रानी और उसका भतीजा को गिरफ्तार कर थाने ले गई। एनडीपीएस का झूठा केस दर्ज कर रानी को जेल भेज दिया गया है। इस मामले में परिजन व मोहल्लेवासियों ने एसएसपी रजनेश सिंह को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी। महिला की बेटियों ने एसडीएम बिलासपुर को आवेदन सौंपकर बताया कि उसके पिता व पुलिसकर्मी ने मिलकर मां को झूठे केस में फंसाया है। बदला लेने के लिए एनडीएस एक्ट मामले में जेल भिजवाया गया है। बच्चियों ने निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।


