अंधेरे में रख बिजली बिल बढ़ाने षड़यंत्रः बिस्सा

प्रदेश के लगभग 67 लाख उपभोक्ता होंगे प्रभावित

रायपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया प्रभारी व प्रवक्ता राजेश बिस्सा ने आरोप लगाया की राज्य नियामक आयोग वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिये लोगों को अंधेरे में रख बिजली बिल बढ़ाने की फिराक में है। नियामक आयोग ने टैरिफ बढ़ाने हेतु औपचारिक सुनवाई कर ली है। व्यापक प्रचार प्रसार न होने के कारण सुनवाई में सिर्फ 13-14 लोग ही पहुंचे पाये थे। जन सुनवाई का साधारण नियम है कि उसका औपचारिक नहीं बल्की व्यापक प्रचार प्रसार होना चाहिये जिससे की प्रत्येक उपभोक्ता तक यह बात पहुंच जाये।

11 और 12 मार्च को राज्य विद्युत नियामक आयोग में प्रदेश की तीनों प्रमुख विद्युत कंपनियों की याचिका पर जन सुनवाई थी, जिसमें वितरण कंपनियों ने 20-25% विद्युत दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।

बिस्सा में कहा की नियामक आयोग द्वारा गुपचुप जन सुनवाई करना प्रदेशवासियों के साथ सरासर धोखाधड़ी है। बिजली की दरें लोक सभा चुनाव के तत्काल बाद बढ़ा दी जायेंगी इससे आम जनता, किसान, व्यापार और उद्योगों पर बहुत विपरीत प्रभाव पड़ेगा और मंहगाई में बेतहाशा वृद्धि होगी।

बिस्सा ने कहा की नियामक आयोग को चाहिये की वो व्यापक प्रचार प्रसार कर पुनः जन-सुनवाई करे जिससे की आम जनमानस अपना पक्ष अच्छे से रख सके। साथ ही प्रदेश में एक ही स्थान अपने कार्यालय में जन-सुनवाई न रखते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर जन सुनवाई करे जिससे की प्रदेश का गरीब किसान व आम उपभोक्ता जन सुनवाई में शामिल हो सके।

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