चुनाव आयोग सुनिश्चित करे कि फार्म-7 का दुरुपयोग नहीं हो – दीपक बैज

 

रायपुर.  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा एसआईआर प्रक्रिया को प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर गड़बड़ियां कर रहा है। वर्तमान में चल रही विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के अंतर्गत फार्म-7 (मतदाता नाम विलोपन हेतु आवेदन) का कई जिलों में दुरुपयोग किया जा रहा है। यह अत्यंत चिंताजनक विषय है, क्योंकि इससे पात्र एवं वास्तविक मतदाताओं के नाम बिना जानकारी, सहमति के मतदाता सूची से हटाए जाने की साजिशे चल रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी द्वारा बड़ी संख्या में फार्म-7 का प्रिंट करवाकर आपत्ति करवाया जा रहा है। आपत्ति अनाधिकृत लोगों द्वारा किया जा रहा है और अनाधिकृत अधिकारी को आपत्ति दिया जा रहा है, जो कानून का खुला उल्लंघन है। भारतीय जनता पार्टी, सरकार के शक्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है। अधिकांश में शिकायतकर्ता का अस्तित्व ही नहीं है, जहां शिकायतकर्ता का अस्तित्व है, वहां पर शिकायत झूठी है। निर्वाचन आयोग द्वारा अस्तित्वहीन शिकायतकर्ता के विरूद्ध जाकर जमा की गयी शिकायतों को तत्काल निरस्त करने की कार्यवाही किया जाये।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कुछ राजनीतिक अथवा असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी अथवा सामूहिक रूप से फार्म-7 भरकर मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है, इसकी जांच की जानी चाहिए। कई मामलों में संबंधित मतदाता को पूर्व सूचना या सुनवाई का अवसर नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीण, आदिवासी, प्रवासी मजदूर, वृद्ध एवं अशिक्षित मतदाता इस दुरुपयोग के सर्वाधिक शिकार बन रहे है। बीएलओ स्तर पर भी उचित सत्यापन के अभाव में फार्म-7 स्वीकार किए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यदि फार्म-7 के माध्यम से मनमाने ढंग से नाम हटाए जाते है, तो यह निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आघात होगा। चुनाव आयोग सुनिश्चित करे कि फार्म-7 के प्रत्येक आवेदन पर अनिवार्य भौतिक सत्यापन एवं स्पष्ट कारण दर्ज करना अनिवार्य किया जाए। संबंधित मतदाता को लिखित, डिजिटल सूचना देकर सुनवाई का अवसर प्रदान किए बिना नाम विलोपन न किया जाए। सामूहिक अथवा संदिग्ध रूप से भरे गए फार्म-7 आवेदनों की विशेष जांच कराई जाए। बीएलओ एवं निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जाएं कि बिना पुख्ता प्रमाण के फार्म-7 स्वीकार न करे। फार्म-7 के दुरुपयोग की शिकायत हेतु त्वरित शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मान. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुरूप लॉजिकल एरर को आधार मानकर दिये गये नोटिस वैद्य नहीं है। अतः छत्तीसगढ़ में ऐसे सारे नोटिस को निरस्त किया जाए।

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