खपरी डबल मर्डर का 48 घंटे में खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार
रेकी के बाद वारदात, गांव के ही निकले बुजुर्ग दंपति के हत्यारे
जांजगीर-चांपा। मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम खपरी में हुए सनसनीखेज बुजुर्ग दंपति हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस दोहरे हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त हथियार, लूटे गए जेवर और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल की सुबह संतराम साहू 70 वर्ष और उनकी पत्नी श्यामबाई साहू 65 वर्ष अपने घर में खून से लथपथ मृत अवस्था में पाए गए थे। सूचना मिलते ही थाना मुलमुला पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से संदेहियों की पहचान की। पता चला कि मृतक दंपति घर में अकेले रहते थे और आरोपियों को पहले से इसकी जानकारी थी। इसी आधार पर पुलिस ने गजेन्द्र पाल दिनकर को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में अपने साथी सुरेन्द्र यादव के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए नकली बाल, मास्क और टोपी का इस्तेमाल किया था। घटना के बाद लूटे गए जेवर अपने पिता श्यामरतन दिनकर को सौंप दिए गए, जबकि विजेन्द्र पाल दिनकर ने आरोपी को फरार होने में मदद की। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 2 चाकू, 1 सोने का हार, 1 जोड़ी चांदी की पायल और एक मोटरसाइकिल (CG 11 AW 0357) बरामद की है। इस पूरे मामले का खुलासा साइबर थाना और मुलमुला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से संभव हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस सफलता पर सराहना की है।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर बुजुर्ग दंपति के घर को निशाना बनाया। घटना की रात गजेन्द्र पाल दिनकर और सुरेन्द्र यादव छत के रास्ते घर में घुसे। दोनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए नकली बाल, मास्क और टोपी पहन रखी थी। घर में घुसते ही संतराम साहू की नींद खुल गई और उन्होंने विरोध किया, जिस पर सुरेन्द्र यादव ने चाकू से उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुनकर उनकी पत्नी श्यामबाई साहू जाग गईं, जिन्हें गजेन्द्र ने चाकू मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने महिला के गले से सोने का हार और पैरों से चांदी की पायल उतार ली और फरार हो गए। बाहर मौजूद श्यामरतन दिनकर ने रेकी कर सहयोग किया और जेवर छिपा दिए, जबकि विजेन्द्र पाल दिनकर ने आरोपी को भागने में मदद की।


