April 16, 2024

अब डी के सोनी कहलाएंगे डॉक्टर डी के सोनी

छत्तीसगढ़ के प्रथम व्यक्ति बने श्री डी के सोनी अधिवक्ता  सूचना के अधिकार  विषय पर पीएचडी  करने वाले 
पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ वृंदावन मथुरा से किया सूचना के अधिकार विधि विषय पर किया गया शोध
पं. दीनदयाल उपाध्याय हिन्दी विद्यापीठ द्वारा विद्या वाचस्पत सारस्वत सम्मान डॉक्टरेट की उपाधि  दिनाक 28/1/24 को आयोजित कार्यकर्म में  केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पद्म श्री डॉ अरविंद कुमार के करकमलों से दी गई 
नई दिल्ली. प्रसिद्ध कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में पं. दीनदयाल उपाध्याय हिन्दी विद्यापीठ द्वारा राष्ट्रीय हिन्दी संगोष्ठी एवं विद्या वाचस्पति सारस्वत सम्मान पीएचडी उपाधि समारोह का भव्य  आयोजन किया गया।
हिन्दी एवं स्थानीय भाषाओं के प्रचार प्रसार हेतु राष्ट्रीय स्तर पर प्रयासरत पं. दीनदयाल उपाध्याय हिन्दी विद्यापीठ के द्वारा दिनाक 28 जनवरी को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित भव्य सम्मान समारोह देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वत जनों को “विद्या वाचस्पति” डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। जिसमे श्री डी के सोनी अधिवक्ता को सूचना के अधिकार विधि में शोध करने के कारण उन्हें  पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ के द्वारा विद्या वाचस्पति डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई।
समारोह के मुख्य अतिथि रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पद्मश्री डॉ अरविन्द कुमार रहे  , अध्यक्षता राष्ट्रीय कथावाचिका सुश्री दीपा मिश्रा ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में दुर्ग से आए हुए राष्ट्रीय पर्यावरणविद डॉ विश्वनाथ पाणिग्रहि, विद्यापीठ के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष डॉ किरण बोंगले तथा विद्यापीठ के केरल के प्रतिनिधि श्री श्रीकुमार एन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।
सम्मान समारोह में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों , लेखकों , शिक्षकों, साहित्यकारों , विधि  पर्यावरणविदों एवं अन्य विद्वत जनों ने हिन्दी भाषा को लेकर अपने विचार प्रकट किए।
पं.दीनदयाल उपाध्याय हिन्दी विद्यापीठ का यह विशिष्ट सम्मान हिन्दी लेखन , शिक्षा के उन्नयन , पर्यावरण जागरूकता , चिकित्सा सेवा , जल संरक्षण एवं समाजसेवा तथा सूचना के अधिकार विधि के क्षेत्र में सम्मानित जनों की विशिष्ट उपलब्धियों के आधार पर मंचासीन अतिथियों द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सूचना के अधिकार विधि विषय पर शोध करने वालो में एक मात्र श्री डी के सोनी अधिवक्ता थे जिन्होंने ऊक्त विषय पर पीएचडी किया और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
अब डी के सोनी अधिवक्ता अपने नाम के आगे डॉक्टर डी के सोनी लिख सकते है।
अधिवक्ता डी के सोनी को डॉक्टरेट की उपाधि मिलने से उनके शुभचिंतकों सहित  अधिवक्ताओं में हर्ष व्याप्त है।
इस मौके डी के सोनी ने यह कहा है कि यह उपाधि उनके द्वारा सूचना के अधिकार के विषय पर  किए जा रहे कार्य के कारण मिला है उक्त विषय पर आगे भी शोध जारी रहेगा, और भी अच्छा कार्य इस विषय पर किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post विधायक बिल्हा धरमलाल कौशिक ने जन्मदिन के अवसर पर क्षेत्रवासियों को दी करोंड़ों की सौगात
Next post पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं को दुर्भावना पूर्वक बंद कर रही है साय सरकार
error: Content is protected !!