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’रैन कोटा जलाशय योजना: नहर निर्माण के लिए भू-अर्जन हेतु समाघात दल ने की अनुशंसा’ :  जिले के रतनपुर तहसील के सेंकर गांव में मुख्य नहर निर्माण के लिए भूमि का अर्जन किया जाना है। सामाजिक समाघात दल ने ग्राम सेंकर ग्राम में भू-अर्जन से पड़ने वाले प्रभाव का आंकलन किया। रैन कोटा जलाशय योजना के नहर निर्माण कार्य भू अर्जन हेतु गठित सामाजिक समाघात समूह द्वारा 22 जनवरी को ग्राम पंचायत तेंदूभाटा में जनसुनवाई आयोजित की गई थी। मूल्यांकन में पाया गया कि सेंकर गांव में भू-अर्जन से 32 किसानों की 11.13 एकड़ भूमि प्रभावित हो रही है। समाघात दल ने किसानों से भी सहमति लिया और पाया कि अर्जित भूमि से कोई मकान आदि प्रभावित नहीं हो रहा है और न ही किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना है। सामाजिक समाघात दल द्वारा यह पाया गया है कि अधोसंरचना पर कोई बाधा नहीं है तथा अधोसंरचना का कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। समाघात दल इस बात से संतुष्ट है कि जल संसाधन विभाग को जितनी भूमि की आवश्यकता है उतनी ही भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है एवं बसाहट से न्यूनतम दूरी का ध्यान रखा गया है। समाघात दल ने ग्राम सेंकर,तहसील रतनपुर के अंतर्गत रैन कोटा जलाशय के नहर निर्माण हेतु ग्राम सेंकर में रकबा 11.13 एकड़ भूमि का अर्जन लोकहित में किए

‘उत्कर्ष योजना के तहत् दावा आपत्ति 31 मार्च तक’ :  उत्कर्ष योजना अंतर्गत वर्ष 2022-23 में कक्षा 6वीं में प्रवेश अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने हेतु 27 मार्च को परीक्षा आयोजित की गई थी। लिखित चयन परीक्षा के पश्चात अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की प्रावीण्य सूची पृथक-पृथक तैयार कर संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में प्रेषित की जा चुकी है, जिसका अवलोकन उनके कार्यालय एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बिलासपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है। कोई भी दावा आपत्ति होने पर 31 मार्च तक संबधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बिलासपुर के कार्यालय को सूचित किया जा सकता है। इसके पश्चात प्राप्त दावा आपत्ति मान्य नहीं की जाएगी।

सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक 31 मार्च को : अनुसूचित जाति तथा जनजाति अत्याचार निवारण नियम 1995 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक 31 मार्च को कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट के मंथन सभाकक्ष में सुबह 10.30 बजे आयोजित की गई है। बैठक में संबंधितों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए है।

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना: जरूरतमंदों के घरों तक पहुंचा अस्पताल :  राज्य शासन द्वारा स्लम क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए शुरू की गई शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के तहत मोबाईल मेडिकल यूनिट शहर के विभिन्न स्लम क्षेत्रों में जाकर त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है, जिसमें डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, नर्स की टीम मौजूद है। झुग्गी बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को निःशुल्क परामर्श, इलाज, दवाईयां एवं पैथालॉजी लैब की सुविधा मिल रही है।  मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत जिले में 1579 शिविरों के माध्यम से 1 लाख 35 हजार 924 मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला है। 13 हजार 813 मरीजों का टेस्ट किया गया और 1 लाख 31 हजार 214 मरीजों को निःशुल्क दवाई का वितरण किया गया है।  इस योजना के धरातल पर उतरने से स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के माथे से चिंता की एक बड़ी लकीर मिट गई है। पहले लोगों को अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। पैसे के अभाव में इन्हें अच्छा इलाज भी नहीं मिल पाता था पर अब परिस्थितियां बदल गई है। इस योजना से शहरों के स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर इलाज मिल ही रहा है साथ में निःशुल्क लैब, टेस्ट की सुविधा एवं दवाई भी मिल रही है। महिलाओं के लिए विशेष तौर पर दाई दीदी क्लिनिक की शुरूआत भी की गई है जिसमें बिलासपुर शहर में अब तक 379 कैम्प के जरिए 32 हजार 220 महिलाओं का इलाज किया गया है। मोबाईल मेडिकल यूनिट में गंभीर बीमारियों को छोड़कर सभी प्रकार की सामान्य बीमारियों का इलाज किया जाता है। इसमें लैब की सुविधा भी उपलब्ध है। जिसमें आवश्यकतानुसार ब्लड, यूरीन जांच, सीबीसी, मलेरिया जैसे रोगों का निःशुल्क जांच की जाती है। यूनिट में इसीजी, ब्लड प्रेशर, प्लस ऑक्सीमीटर जैसे स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से वंचित एक बड़े वर्ग को उनके घरों तक स्वास्थ्य सुविधा मिलने से उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई है।

’छात्रों को तनाव मुक्त करने परीक्षा पर चर्चा 01 अप्रैल को’ :  परीक्षा की घड़ी में छात्रों को तनाव मुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश भर के छात्रों  शिक्षकों और अभिभावकों से बातचीत करेंगे।  परीक्षा पर चर्चा का पांचवा संस्करण 1 अप्रैल को सुबह 11 बजे से आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस संवाद कार्यक्रम में देश भर के करोड़ों छात्र शिक्षक अभिभावक वर्चुअल तौर पर अपनी भागीदारी निभाएंगे।  गौरतलब है कि परीक्षा पर चर्चा एक बहुप्रतीक्षित वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें प्रधानमंत्री छात्रों को तनाव मुक्त करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और इसके साथ-साथ छात्रों के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी देते हैं। परीक्षा पर चर्चा के माध्यम से छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को एक ऐसे माहौल को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि बच्चों के व्यक्तित्व का विकास सुनिश्चित हो सके। परीक्षा पर चर्चा के माध्यम से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को प्रधानमंत्री से प्रश्न पूछने का अवसर भी मिलेगा इसके साथ-साथ विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। परीक्षा पर चर्चा के इस कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन रेडियो और विभिन्न टेलीविजन चैनलों पर किया जाएगा।

अवैध खनिज के कुल 515 प्रकरणों में 1.36 करोड़ की राजस्व की प्राप्ति : खनिज विभाग बिलासपुर के द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण करने वालों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भण्डारण के कुल 515 प्रकरणों में 01 करोड़ 36 लाख की राजस्व की प्राप्ति हुई है। इनमें अवैध खनिज उत्खनन के कुल 70 प्रकरण, अवैध खनिज परिवहन के कुल 430 तथा अवैध खनिज भंडारण के कुल 15 प्रकरणों में राजस्व की वसूली की गई है। गौरतलब है कि खनिज विभाग बिलासपुर ने लक्ष्य से अधिक का राजस्व प्राप्त किया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में खनिज राजस्व लक्ष्य 39 करोड़ 38 लाख था। खनिज विभाग ने इससे अधिक 41 करोड़ 80 लाख का राजस्व प्राप्त किया है। वर्ष 2018-19 में 33 करोड़ 60 लाख, वर्ष 2019-20 में 34 करोड़ 18 लाख, तथा वर्ष 2020-21 में 39 करोड़ 22 लाख की राजस्व प्राप्ति हुई है। इस प्रकार खनिज विभाग बिलासपुर पिछले 4 वर्षों से लगातार शासन द्वारा दिए जा रहे लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। बिलासपुर में रिवर्स ऑक्शन के माध्यम से 18 रेत खदानें 2 वर्षों के लिए स्वीकृत की गई थी। इनमें से वर्तमान में 9 रेत खदानों की अवधि 1 वर्ष के लिए  बढ़ाई गयी है। ऑक्शन किए गए खदानों से खनिज विभाग को फरवरी 2022 तक कुल 3 करोड़ 75 लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है तथा डी. एम. एफ. के रूप में भी 19 लाख से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।

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