वॉशिंगटन. रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia Ukraine War) का आज 20वां दिन है. रूसी सेना यूक्रेन में तबाही मचा रही है. जमीन से लेकर आसमान तक हमले जारी हैं. ना पुतिन रूकने को तैयार हैं और न ही जेलेंस्की झुकने को. इस जंग में दोनों देशों को जान-माल का जबरदस्त नुकसान हो रहा
नई दिल्ली. 10 अरब डॉलर की लागत से बने James Webb space telescope को नासा ने शनिवार को लॉन्च कर दिया. ये स्पेस टेलीस्कोप आने वाले समय में हबल टेलिस्कोप की जगह लेगा. दुनिया का सबसे बड़ा और पॉवरफुल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप खबर के अनुसार, दुनिया का सबसे बड़ा और पॉवरफुल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप शनिवार को नासा ने
वॉशिंगटन. दिवाली के बाद से दिल्ली (Delhi) में बढ़े प्रदूषण (Pollution) के लिए लगातार आतिशबाजी को कुसूरवार ठहराया जा रहा है, लेकिन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ ने अपनी रिपोर्ट में इसके लिए पटाखे नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने को दोषी माना है. बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़
केप केनवरल (अमेरिका). अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) और स्पेसएक्स (SpaceX) ने चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना किया है. खराब मौसम सहित कई कारणों के चलते काफी विलंब के बाद आखिरकार बुधवार को स्पेसएक्स का रॉकेट इन अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) को लेकर रवाना हुआ. अंतरिक्ष जाने वाले 600वें व्यक्ति हैं
ह्यूस्टन. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की नई स्टडी के अनुसार चांद हमेशा से समुद्री लहरों पर असर डालता है और चांद अपनी कक्षा (Moon Orbit) में जरा सा भी बदलाव करते है तो धरती के कई तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है. नासा की यह स्टडी पिछले महीने नेचर क्लाइमेट चेंज
वॉशिंगटन. नासा (NASA) के पर्सीवरेंस रोवर (Perseverance Rover) ने मंगल की सतह पर सफलतापूर्वक लैंडिंग कर ली है और इस सफलता में भारतीय मूल की वैज्ञानिक डॉ स्वाति मोहन (Dr Swati Mohan) का बहुत बड़ा योगदान है. जब पूरी दुनिया की निगाहें नासा के रोवर की ऐतिहासिक लैंडिग पर टिकी हुईं थीं, स्वाति कंट्रोल रूम
वॉशिंगटन. अंटार्कटिका (Antarctica) में एक बार फिर वैज्ञानिकों के लिए चुनौतीपूर्ण घटना सामने आई है. हजारों किलोमीटर वर्गमील इलाके में फैली बर्फ की सफेद चादर के ऊपर अजीब आकृति उभरी है. इस आकृति को देखने से ऐसा लगता है कि तेजी से कोई चीज घिसटते हुए नीचे की तरफ उतरी है. आकृति में दांतेदार संरचना
नई दिल्ली. अंतरिक्ष विज्ञान के लिहाज से आने वाला महीना काफी दिलचस्प और व्यस्त रहने वाला है. क्योंकि एक, दो नहीं बल्कि तीन अंतरिक्ष यान मंगल (Mars) के करीब पहुंचेंगे. इसमें यूएई (UAE) का होप ऑर्बिटर, नासा (NASA) का रोवर और चीन (China) का तियानवेन -1 शामिल हैं. तीनों का उद्देश्य एक ही है यानी
वॉशिंगटन. वैज्ञानिकों ने ऐसे 1000 से ज्यादा सितारों (Stars) की पहचान की है, जिनसे एलियंस (Aliens) हम पर रख रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अध्ययन में 1004 सितारों का पता चला है, जहां पृथ्वी की तरह जीवन की उत्पत्ति की संभावना है. इन्हीं तारों से एलियंस हम पर नजर रख रहे हैं. बिना दूरबीन
नई दिल्ली. भारतीय वैज्ञानिकों ने अब तक की सबसे दूर स्थित आकाशगंगा AUDFs01 की खोज की है. इसे भारत के पहले मल्टी-वेवलेंग्थ सेटेलाइट-एस्ट्रोसैट की मदद से खोजा गया जिसके लिए नासा ने भारतीय वैज्ञानिकों की तारीफ की है. पुणे स्थित अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष भौतिकी के अंतर-विश्वविद्यालयी केंद्र (Inter-University Centre for Astronomy and Astrophysics (IUCAA)
वॉशिंगटन. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक एसयूवी आकार के एस्टेरॉयड (Asteroid) के पृथ्वी से 1,830 मील ऊपर से गुजरने की जानकारी दी है. नासा ने मंगलवार को बताया कि कार के आकार का यह एस्टेरॉयड पृथ्वी के ऊपर से गुजरा है, लेकिन इससे किसी भी तरह का खतरा नहीं था. अमेरिकी एजेंसी के मुताबिक, पहले
नई दिल्ली. मंगल ग्रह पर 8 सफल लैंडिंग के बाद अब अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA एक नया मिशन लॉन्च करने जा रहा है. तैयारी मंगल ग्रह पर हेलिकॉप्टर को उड़ाने की है. इस हेलीकॉप्टर को Ingenuity नाम दिया गया है और रोवर की मदद से मंगल ग्रह से पत्थर और मिट्टी को धरती पर लाने की तैयारी
वाशिंगटन. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ऐसे कुछ विशाल ऐस्टरॉइड (क्षुद्रग्रह) पर नजर रखे हुए है, जो 4, 5 और 6 जून को पृथ्वी के करीब से गुजरेंगे. हालांकि, NASA ने फिलहाल किसी खतरे की आशंका नहीं जताई है. 24 मी से 54 मीटर व्यास वाला ऐस्टरॉइड ‘2020 KN5’ 4 जून को
वाशिंगटन. 30 मई की तारीख अंतरिक्ष के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है. निजी कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) का स्पेसक्राफ्ट (क्रू ड्रैगन)अमेरिका के जॉन एफ केनेडी स्पेस सेंटर से नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर इंटरनेशनल स्पेस सेंटर के लिए रवाना हो गया है. अंतरिक्ष के इतिहास में ऐसा पहली बार है,
मास्को, रूस. अगर आप अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) में काम करने की चाहत रखते हैं, तो आपके पास शानदार मौका है. नासा ने एक प्रोग्राम के लिए आवेदन मांगे हैं, जिसमें वालंटियर को 8 महीने आइलोसेट होने की फीस दी जाएगी. रूस की राजधानी मॉस्को में 6 क्रू मेंबर्स को भविष्य के चंद्रमा और
नई दिल्ली. अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA)के पहले ‘मंगल हेलीकॉप्टर’ को नाम मिल गया है. भारतीय मूल की लड़की ने ‘नासा’ के मार्स जाने वाले पहले हेलीकॉप्टर को ये नाम दिया है. इसका श्रेय भारत के मूल की वनीजा रूपाणी को जाता है. अमेरिका में नॉर्थपोर्ट, अल्बामा में रहने वाली जूनियर हाईस्कूल छात्रा रूपाणी को यह श्रेय
नई दिल्ली. भले लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से घर में रहते हुए आप बोर हो रहे होंगे. लेकिन इस बीच एक अच्छी बात ये है कि आपके घर के दरवाजे और खिड़की से आने वाली हवा ज्यादा साफ और सुरक्षित है. अमेरिकी संस्था नासा (NASA) ने भारत की एक ताजा फोटो जारी की है. इसे
वाशिंगटन. नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने घोषणा की है कि वह स्पेसएक्स के एक रॉकेट के जरिए दो अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को 27 मई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भेजेगा. यह पिछले करीब एक दशक में अमेरिका से भेजा जाने वाला पहला ऐसा अंतरिक्ष यान होगा जिसमें अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे. नासा के प्रमुख जिम ब्राइडेनस्टाइन
वॉशिंगटन. भारत का चंद्रयान2 मिशन भले ही सॉफ्ट लैंडिंग के अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन इसने करीब 95 फीसद सफलता हासिल की है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के इस कदम की तारीफ देश ही नहीं दुनिया में हो रही है। जिस तरह से इसरो के वैज्ञानिकों ने इस जटिल मिशन को
टोक्यो/बेंगलुरु। चंद्रयान-2 की 95 फीसदी सफलता के साथ दुनियाभर में इसरो की तारीफ हो रही है। अमेरिका से लेकर रूस और इजरायल तक ने भारतीय वैज्ञानिकों की क्षमता और योग्यता का लोहा मान लिया है। 2022 में भारत की योजना स्पेस में इंसानी मिशन भेजने की है। उसके बाद 2024 में इसरो चंद्रयान-2 से भी अधिक