काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) महिलाओं को शिक्षा और नौकरी की इजाजत तो दे रहा है लेकिन तालिबान नहीं चाहता कि सरकार (Taliban Govt) में महिलाओं की कोई हिस्सेदारी हो. तालिबान की ये बात अफगानिस्तान की महिलाओं को पसंद नहीं आई और अब उन्होंने तालिबान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. महिलाओं का कहना
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जे के बाद तालिबान (Taliban) बड़ी-बड़ी बातें कर रहा है. उसका दावा है कि महिलाओं (Afghan Women) को लेकर उसकी नई सरकार पिछली सरकार से ज्यादा उदार होगी, लेकिन हकीकत क्रूरता की खबरों के साथ हर रोज सामने आ रही है. इस बीच, तालिबानी लड़ाकों की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) की सत्ता पर काबिज होने के बाद तालिबान (Taliban) उन लोगों को चुन-चुनकर मौत के घाट उतार रहा है, जो उसकी नजर में इस्लाम विरोधी हैं. इस क्रम में तालिबानी लड़ाकों ने एडल्ट साइट्स (Adult Sites) खंगालना भी शुरू कर दिया है, ताकि उन महिलाओं की पहचान कर सजा दी जा सके
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) की अशरफ गनी सरकार में टॉप पुलिस ऑफिसर रहीं 34 वर्षीय गुलअफरोज ऐबतेकर (Gulafroz Ebtekar) अपनी जान बचाने के लिए यहां-वहां भागने को मजबूर हैं. तालिबान (Taliban) उन्हें पागलों की तरह ढूंढ रहा है. ऐबतेकर ने अफगानिस्तान से निकलने के लिए अमेरिका (America) सहित कई देशों की एम्बेसी से गुहार लगाई थी,
वॉशिंगटन. अमेरिका (America) ने तालिबान (Taliban) की डेडलाइन से पहले ही अफगानिस्तान (Afghanistan) छोड़ दिया है. यूएस आर्मी के आखिरी विमान ने सोमवार को काबुल के हामिद करजई एयरपोर्ट से उड़ान भरी. इसके साथ ही अमेरिका की अफगानिस्तान में 20 साल की सैन्य मौजूदगी खत्म हो गई है. तालिबान ने विदेशी सैनिकों को 31 अगस्त तक
काबुल. तालिबान नेता (Taliban Leader) का इंटरव्यू लेकर इतिहास रचने वालीं एंकर बेहेश्ता अरघंद (Beheshta Arghand) अफगानिस्तान (Afghanistan) छोड़कर चली गई हैं. बेहेश्ता टोलो न्यूज के साथ काम करती थीं. उन्होंने 17 अगस्त को एक हाई रैंकिंग तालिबानी नेता मौलवी अब्दुल्लाह का इंटरव्यू किया था. चूंकि पहली बार तालिबान के किसी नेता ने महिला एंकर के
काबुल. अमेरिका (US), ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया (Australia) और टर्की (Turkey) समेत लगभग 100 देशों का अफगानिस्तान (Afghanistan) पर एक साझा बयान अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जारी किया है. साझा बयान के मुताबिक, तालिबान (Taliban) ने इन देशों को आश्वासन दिया है कि तालिबान सभी विदेशी नागरिकों और अफगान नागरिकों जिनके पास दूसरे देश की यात्रा करने के
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जा करने वाले तालिबान (Taliban) के लिए सरकार बनाना और उसे चलाना आसान नहीं होगा. क्योंकि अभी से उसे आंतरिक संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है. तालिबानी नेताओं में मनमुटाव साफ नजर आने लगा है. एक लेख में बताया गया है कि कई स्रोतों और पूर्व खुफिया और सैन्य अधिकारियों
काबुल. अफगानिस्तान पर तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद हालात तेजी से बदल रहे हैं और इस बीच अमेरिका द्वारा एयरस्ट्राइक कर इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकियों को निशाना बनाया जा रहा है. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल (Kabul) के ऊपर से सोमवार सुबह कई रॉकेट्स (Rockets) को उड़ते हुए सुना गया. रॉकेट्स के टारगेट का
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) से इस वक्त की बड़ी खबर ये है कि तालिबान के आतंकी काबुल एयरपोर्ट में घुस (Taliban Entered Kabul Airport) गए हैं. तालिबान की 313 बदरी स्पेशल फोर्स यूनिट (313 Badri Special Forces Unit) ने काबुल एयरपोर्ट के मिलिट्री सेक्शन में एंट्री ले ली है. बता दें कि अब तक काबुल एयपोर्ट पर
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) से निकलने की जल्दबाजी में ब्रिटेन और अमेरिका (UK & US) ऐसी गलती कर बैठे हैं, जिससे सैकड़ों अफगानियों की जान खतरे में पड़ गई है. ब्रिटिश एंबेसी के कर्मचारी जहां उन लोगों की लिस्ट काबुल में ही छोड़ आए, जिन्होंने मुश्किल वक्त में उनकी मदद की थी. वहीं, अमेरिका ने खुद
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) से इस वक्त की बड़ी खबर ये है काबुल में भारी गोलीबारी (Gunfire In Kabul City) हुई है. यहां रुक-रुक कर फायरिंग जारी है. फायरिंग की वजह से लोग दहशत में हैं. अफगानिस्तान में आतंक का खूनी खेल जारी है. काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमले की आशंका इस बीच अमेरिका (US) ने काबुल
काबुल. ‘आतंक की सत्ता स्थायी नहीं रहती’, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के ये शब्द बंदूक के दम पर अफगानिस्तान की सत्ता हथियाने वाले तालिबान (Taliban) को चुभ गए हैं. तालिबान ने इन शब्दों को चुनौती के रूप में लेते हुए दावा किया है कि वो सफल रहेगा. आतंकी संगठन के प्रमुख नेता
नई दिल्ली. 15 अगस्त काबुल पर कब्जा करते ही तालिबान ने राजधानी को चलाने के लिए और काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कंट्रोल करने के लिए एक नए सुरक्षा प्रमुख की नियुक्ति की. काबुल का नया सुरक्षा प्रमुख नियुक्त होते ही हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख कमांडर खलील-उल-रहमान हक्कानी ने जल्द ही अपने लड़ाकों के साथ काबुल
काबुल. अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान (Taliban) ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन (Turkish President Recep Tayyip Erdogan) की मुराद पूरी कर दी है, लेकिन एक शर्त के साथ. एर्दोगन की चाहत काबुल एयरपोर्ट को संभालने की थी, अब तालिबान ने खुद उन्हें ये ऑफर दिया है. तालिबान ने अमेरिकी सैनिकों के जाने के
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जे के बाद तालिबानी (Taliban) केवल महिलाओं और लड़कियों पर ही जुल्म नहीं ढा रहे, वो छोटे-छोटे बच्चों को भी बेरहमी से मौत के घाट उतार रहे हैं. अफगानिस्तान के पूर्व गृहमंत्री मसूद अंदाराबी (Masoud Andarabi) ने यह दावा किया है. उन्होंने तालिबान द्वारा कथित तौर पर मारे जा रहे बच्चों
काबुल. तालिबान (Taliban) के आतंक से बचने के लिए अफगानिस्तान छोड़ने की आस में काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) पहुंच रहे लोग भूख और प्यास से मर रहे हैं. हवाईअड्डे के बाहर खाने-पीने की वस्तुएं कई गुना ज्यादा दामों में बिक रही हैं. इतना ही नहीं, दुकानदार अफगानी करेंसी के बजाए डॉलर की मांग कर रहे
वॉशिंगटन. अफगानिस्तान में तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं और लोग हर हाल में देश से बाहर निकलना चाहते हैं. इसके लिए ज्यादातर लोग काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) पर जमा हुए हैं, लेकिन इस बीच अमेरिका ने बड़े खतरे को लेकर चेतावनी (US Warns Terror Attack threat at
बर्लिन. अफगानिस्तान के पूर्व संचार मंत्री (Former Afghan Communications Minister) इन दिनों जर्मनी (Germany) में पिज्जा डिलीवरी (Pizza Delivery) का काम कर रहे हैं. अफगान संकट के बीच उनकी कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें वह पिज्जा कंपनी की यूनिफॉर्म पहनकर डिलीवरी के लिए जाते नजर आ रहे हैं. सैयद अहमद शाह सआदत (Sayed
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) की सबसे बड़ी पॉप स्टार आर्यना सईद (Aryana Sayeed) ने अपने मुल्क के हाल के लिए पाकिस्तान (Pakistan) को जिम्मेदार ठहराया है. साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति अशरफ गनी की भी आलोचना की है. सईद उन खुशकिस्मत लोगों में शामिल हैं, जो हिंसाग्रस्त अफगानिस्तान छोड़ने में सफल रहे. तालिबान के चंगुल से बचकर निकलीं