May 9, 2020
तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए कोरोना बना काल, अब तक नहीं हुई समितियों में कोई तैयारी
बलरामपुर/धीरेन्द्र कुमार द्विवेदी. जिले के तेंदूपत्ता संग्राहक को इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण को लेकर चिंता सता रही है क्योंकि अभी तक समितियों के द्वारा तेंदूपत्ता खरीदी को लेकर किसी भी तरह से तैयारी देखने को नहीं मिल रही है जिसको लेकर ग्रामीणों को वार्षिक आय का महत्वपूर्ण जरिया तेंदूपत्ता संग्रहण होता है जो ग्रामीणों के लिए किसी बहुत बड़ी पूंजी से कम नहीं होता ग्रामीणों के लिए यह पैसा आने वाले बरसात के दिनों के लिए कई तरह के तैयारियों में काम आता है कई लोग अपने घरों के छप्पर को ढकने के लिए इस पैसे का उपयोग करते हैं कई किसान परिवार इस पैसे से उन्नत किस्म के खाद बीज क्रय कर खेती किसानी करते हैं वही कई परिवार लिए गए कर्ज को भरने के लिए इसका उपयोग करते हैं कितनों के बच्चों को शिक्षा में उपयोग होने वाले बच्चों की आवश्यक सामग्री क्रय करने में होती है तेंदूपत्ता संग्रहण ऐसा कार्य है जिसमें ग्रामीण अंचल के प्रत्येक परिवार के लोग एकजुट होकर संग्रहण के कार्य में लगते हैं जिनसे मिलने वाली राशि पूरे परिवार को चलाने में भूमिका अदा करती है इसके साथ साथ लगभग लोगों परिवार का स्वास्थ्य बीमा भी विभाग के द्वारा किया जाता है परंतु इस वर्ष कोरोना वायरस की वजह से तेंदूपत्ता का संग्रहण हो पाना संशय लग रहा है । इस संबंध में वाड्रफनगर के वनपरिक्षेत्रा अधिकारी जी से राय लिया तो उन्होंने बताया की वैश्विक महामारी कोरोना को मद्देनजर तेंदूपत्ता संग्रह तय लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सामजिक दुरी को बनाये रखते हुए होगी तेंदूपत्ता की खरीदी 1 सप्ताह लेट से करने की उम्मीद है ।