जमीन की नई गाइडलाइन किसानों के हित की दर निर्धारित की हैं: शिवरतन

बिलासपुर। भाजपा के संभाग प्रभारी (संगठन) शिवरतन शर्मा रविवार को बिलासपुर सर्किट हाउस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ने आम लोगों और किसानों के हित में जमीन की नई गाइडलाइन दरें निर्धारित की हैं, जिनका 2018 के बाद कोई संशोधन नहीं हुआ था। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस कांग्रेस सरकार ने काली कमाई को निवेश करने के लिए जमीन की दरें 30-40 प्रतिशत तक कम कर दी थीं।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल सरकार ने गाइडलाइन दरों में संशोधन करने के बजाय, कुछ अवधि के लिए जमीन की दरें 40 प्रतिशत तक घटा दी थीं। उनका दावा है कि ऐसा कोयला, शराब और महादेव ऐप से अर्जित काली कमाई को जमीन की खरीद में खपाने के लिए किया गया था।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि रायपुर में कई बड़ी हाउसिंग कॉलोनियां विकसित हुईं, जहां जमीनों के रजिस्ट्री रेट 200-2200 रुपए प्रति वर्ग फुट थे, जबकि उनकी बिक्री 5 से 7 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट पर हो रही थी। भूपेश सरकार द्वारा भूमि की दरें घटाने का लाभ आम जनता को नहीं मिला, बल्कि कांग्रेस के बड़े नेताओं ने इस अवधि का उपयोग अपनी काली कमाई को निवेश करने के लिए किया। 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री पर रोक सिर्फ लगानी जमीन के लिए है। डायवर्टेड जमीन की रजिस्ट्री पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ खास मामलों में रजिस्ट्री को रद्द करने का अधिकार महानिरीक्षक पंजीयक को दिया गया है।

 

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!