द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन का ‘सनातन’ के खिलाफ फिर विवादित बयान
चेन्नई. द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म के खिलाफ विवादित बयान दिया है। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मंगलवार को अपने पहले भाषण में उन्होंने कहा, ‘सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है और उसे निश्चित रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।’
इससे पहले उदयनिधि ने 2023 में भी इसी तरह की टिप्पणी की थी, जिससे एक बड़ा विवाद पैदा हो गया था। उन्हें हिंदू समर्थक संगठनों की आलोचना का शिकार होना पड़ा और उनके खिलाफ कई मामले भी दर्ज कराए गए थे।
उदयनिधि ने यह भी कहा कि विपक्ष, तमिल प्रार्थना गीत ‘तमिल थाई वझुथु’ को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा। नयी सरकार के हालिया शपथ ग्रहण समारोह के संबंध में एक शिकायत उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के गीत को उसकी पारंपरिक प्राथमिकता के बजाय क्रम में तीसरे स्थान पर धकेल दिया गया। विपक्ष के नेता ने कहा, ‘…आपकी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुई ऐसी घटना एक गलती थी और आपको इस विधानसभा में इसे दोबारा होने नहीं देना चाहिए। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।


