लोन की रकम जमा होने के बाद कुर्की का प्रयास, अपराध दर्ज
व्यापार विहार स्थित सेंट बैंक का मामला
बिलासपुर। लोन के किश्त जमा होने के बाद भी बैंक के कर्मचारियों ने अपराधिक षडयंत्र रखते हुए पीडि़त की बंधक संपत्ति को कुर्क करने का प्रयास किया। बैंक कर्मचारियों ने पीडि़त के खाते में किश्त की राशि को जमा नहीं करते थे। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तोरवा पुलिस ने बताया कि हेमुनगर निवासी शकील कुरैशी पिता स्व. जमील कुरैशी ने मेसर्स सेंट बैंक होम फायनेंस लिमिटेड, व्यापार विहार, बिलासपुर से मौजा तोरवा की भूमि प्लाट नं. 413 (खसरा नं. 175/13 रकबा 2008.50 वर्गफुट) को ऋण बंधक रखकर 12 लाख रुपए ऋण प्रदान किया था। 1 मार्च 2012 से 180 माह तक के 16 हजार 692 रुपए की मासिक (ईएमआई) किश्त के माध्यम से भुगतान किया जाना था, जिसका नियमित भुगतान करोना महामारी के घोषणा के पूर्व तक किया जा रहा था। पीडि़त द्वारा सेंट बैंक होम लोन फायनेंस लिमिटेड के द्वारा 9 दिसंबर 2025 को जारी विवरण के अनुसार 27 लाख 58 हजार 874 रुपए का भुगतान कर दिया गया। उन्होंने इससे भी अधिक की राशि का भुगतान कर रसीद प्राप्त किया है।


