संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक संपन्न
जलाशयों में जलभराव और फसलों की ताजा हालात की समीक्षा
बिलासपुर. संभागायुक्त सुनील जैन की अध्यक्षता में आज संभागायुक्त कार्यालय कोनी के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिंचाई जलाशयों में जलभराव एवं फसलों के ताजा हालात की समीक्षा की गई। इस साल पर्याप्त वर्षा होने के कारण खेती किसानी के काम सुचारू रूप से चल रहे हैं। किसानों की ओर से कहीं से भी जलाशयों से कृषि कार्य के लिए पानी छोड़ने की मांग नहीं आई है। संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक में डिप्टी कमिश्नर डॉ. स्मृति तिवारी एवं श्री हरिशंकर चौहान, संभाग स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में बताया गया कि संभाग के सभी बड़े, मध्यम एवं लघु जलाशयों में निस्तार एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध है। मिनी माता हसदेव बांगों परियोजना में 95 प्रतिशत, खारंग जलाशय में 104 प्रतिशत, मनियारी जलाशय में 104 प्रतिशत, अरपा भैंसाझार निर्माणाधीन बैराज में 26 प्रतिशत और केलो परियोजना निर्माणाधीन में 44.58 प्रतिशत जलभराव है। मध्यम परियोजना के अंतर्गत घोंघा जलाशय में 102 प्रतिशत, केदार जलाशय में 101 प्रतिशत, पुटका जलाशय में 100 प्रतिशत, किंकारी जलाशय में 101 प्रतिशत और खम्हार पाकुर जलाशय में 101 प्रतिशत जल भराव है। संभाग के अंतर्गत 8 जिलों में 5 वृहद, 6 मध्यम, 768 लघु योजना एवं 10 नलकूप योजनाओं से कुल 751043.0 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता सृजित है। बैठक में रबी सिंचाई वर्ष 2025-26 की उपलब्धि एवं खरीफ सिंचाई 2026-27 के लक्ष्य की विस्तृत समीक्षा की गई।
श्री जैन ने बैठक में खाद, बीज की उपलब्धता एवं वितरण की भी समीक्षा की। संभागायुक्त ने दलहन तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए हर गांव की अलग-अलग जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्य-योजना बनाने एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।


