काबुल. तालिबान (Taliban) के आतंक से बचने के लिए अफगानिस्तान छोड़ने की आस में काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) पहुंच रहे लोग भूख और प्यास से मर रहे हैं. हवाईअड्डे के बाहर खाने-पीने की वस्तुएं कई गुना ज्यादा दामों में बिक रही हैं. इतना ही नहीं, दुकानदार अफगानी करेंसी के बजाए डॉलर की मांग कर रहे
वॉशिंगटन. अफगानिस्तान में तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं और लोग हर हाल में देश से बाहर निकलना चाहते हैं. इसके लिए ज्यादातर लोग काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) पर जमा हुए हैं, लेकिन इस बीच अमेरिका ने बड़े खतरे को लेकर चेतावनी (US Warns Terror Attack threat at
बर्लिन. अफगानिस्तान के पूर्व संचार मंत्री (Former Afghan Communications Minister) इन दिनों जर्मनी (Germany) में पिज्जा डिलीवरी (Pizza Delivery) का काम कर रहे हैं. अफगान संकट के बीच उनकी कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें वह पिज्जा कंपनी की यूनिफॉर्म पहनकर डिलीवरी के लिए जाते नजर आ रहे हैं. सैयद अहमद शाह सआदत (Sayed
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) की सबसे बड़ी पॉप स्टार आर्यना सईद (Aryana Sayeed) ने अपने मुल्क के हाल के लिए पाकिस्तान (Pakistan) को जिम्मेदार ठहराया है. साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति अशरफ गनी की भी आलोचना की है. सईद उन खुशकिस्मत लोगों में शामिल हैं, जो हिंसाग्रस्त अफगानिस्तान छोड़ने में सफल रहे. तालिबान के चंगुल से बचकर निकलीं
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) पर तालिबानी कब्जे के बाद से मुल्क छोड़कर जाने वालों की बाढ़ आ गई है. काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) पर अभी भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं. तालिबान (Taliban) ने हवाईअड्डे को चारों तरफ से घेर लिया है और वहां तक पहुंचने के रास्ते में कई चेकपोस्ट बनाए हैं. ताकि लोगों को
वॉशिंगटन. अफगानिस्तान पर तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद देश में स्थिति काफी खराब हैं और लोगों को निकालने की कोशिशें जारी है. अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान से लोगों को निकालने की कार्रवाई में अब तक सोमवार को सबसे अधिक संख्या में लोगों को हवाई रास्ते से बाहर निकाला. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन
लंदन. अफगानिस्तान (Afghanistan) में फंसे ‘अपनों’ को निकाल रहे ब्रिटेन (Britain) पर आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. आतंकवादी आम अफगानियों के वेश में ब्रिटेन पहुंचकर तबाही मचा सकते हैं. काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिक मौजूद हैं, जो अपने नागरिकों के साथ-साथ मुश्किल वक्त में साथ देने वाले अफगान के लोगों को
काबुल. तालिबान (Taliban) ने ब्रिटिश सैनिकों (British Troops) के लिए अफगानिस्तान छोड़कर जाने की डेडलाइन तय कर दी है. आतंकी संगठन ने कहा है कि यदि एक हफ्ते के अंदर ब्रिटेन की सेना वापस नहीं गई, तो उसे अंजाम भुगतना होगा. बता दें कि काबुल एयरपोर्ट इस वक्त अमेरिकी और ब्रिटिश सेना के हवाले है. दोनों
काबुल. तालिबान (Taliban) के आते ही अफगानी महिलाएं (Afghan Women) अपनी जान बचाने के लिए यहां-वहां भाग रही हैं. इसी बीच अफगानिस्तान (Afghanistan) की मशहूर फिल्ममेकर सहारा करीमी (Sahrra Karimi) का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वह काबुल की सड़कों पर दौड़ रही हैं. यह वीडियो करीमी ने खुद बनाया है और इसके जरिए
नई दिल्ली. अफगानिस्तान पर तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद काबुल में फंसे भारतीयों को वापस लाने का सिलसिला जारी है और ताजिकिस्तान के दुशांबे से 78 लोगों को एयर इंडिया के स्पेशल विमान से दिल्ली (Dushanbe to Delhi) लाया गया है. बता दें कि 78 व्यक्तियों के एक समूह को कल (23 अगस्त) भारतीय वायु
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) के खिलाफ जंग अभी खत्म नहीं हुई है. पंजशीर के लड़ाके तालिबान को तगड़ी टक्कर दे रहे हैं. अफगानी सेना ने भले ही कई इलाकों में बिना लड़े हार मान ली हो, लेकिन पंजशीर पर कब्जा करना तालिबान के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. इस बीच, पंजशीर के लड़ाकों ने
बर्लिन/काबुल. अफगानिस्तान पर तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद काबुल में स्थिति काफी खराब होती जा रही है और लोग किसी भी हालत में देश छोड़ना चाहते हैं. काबुल से लोगों को निकाले जाने के दौरान एक अफगानी महिला ने जर्मनी के रामस्टीन वायु सैन्य अड्डे की ओर जा रहे अमेरिकी सी-17 ग्लोबमास्टर विमान में बच्ची
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) में अभी भी 260 से अधिक सिख फंसे हुए हैं, जिन्हें तुरंत निकाले जाने की जरूरत है. अमेरिकी सिख निकाय (US Sikh Body) के मुताबिक, काबुल के गुरुद्वारे करता परवन में 260 से अधिक सिख मौजूद हैं. निकाय को डर है कि यदि जल्द कुछ नहीं किया गया, तो सिखों की जान
नई दिल्ली. तालिबान (Taliban) का क्रूर चेहरा सामने आ चुका है. तालिबान के आतंकी (Terrorists) दरिंदे हैं ये बात साबित हो चुकी है. अफगानिस्तान (Afghanistan) से भारत पहुंची महिला मुस्कान ने तालिबानी आतंकियों की पोल खोल दी है. उसने बताया है कि तालिबानी आतंकी लड़कियों की डेडबॉडी के साथ भी रेप (Taliban Had Sex With Dead
काबुल. अफगानिस्तान में नई सरकार का गठन करने के लिए तालिबान नेता अब्दुल गनी बरादर (Abdul Ghani Baradar) काबुल पहुंच चुका है. बरादर ने कतर की राजधानी दोहा में हुई शांति वार्ता में तालिबान का नेतृत्व किया था. तालिबान के कब्जे के बाद काबुल में कैसी सरकार होगी, इसी बारे में चर्चा करने के लिए बरादर
मॉस्को. जर्मनी (Germany) और रूस (Russia) ने अफगानिस्तान के हालात पर चिंता जताई है. दोनों देशों ने इस मुद्दे पर साथ काम करने का फैसला किया है. क्रेमलिन में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात जर्मनी की चांसलर Angela Merkel ने शुक्रवार को रूस के क्रेमलिन शहर में रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन (Vladimir Putin) से मुलाकात की.
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) पर तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद सभी देश वहां से अपने नागरिकों को निकालने में लगे हैं. पिछले 20 सालों से अफगानिस्तान में अभियान चला रहा अमेरिका (USA) भी ताबड़तोड़ तरीके से अपने लोगों को काबुल से निकाल रहा है. पिछले 24 घंटे में 3800 लोग निकाले गए अमेरिकी प्रशासन की
नई दिल्ली. अफगानिस्तान (Afghanistan) में फंसे भारतीयों के देश लौटने का सिलसिला जारी है. इस बीच कतर (Qatar) के दोहा में स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) से खबर आई है कि पिछले कुछ दिनों में काबुल (Kabul) से दोहा लाए गए 135 भारतीयों के पहले जत्थे को भारत वापस भेजा गया है. आज लौटेंगे 300
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) से ‘अपनों’ को निकालने के लिए काबुल हवाईअड्डे पर मौजूद अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिकों (US & UK Troops) हर रोज ऐसे मंजर देख रहे हैं, जो उन्हें भावुक कर जाते हैं. काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद से शायद ही कोई दिन ऐसा गया हो जब सैनिकों की आंखें नम न हुईं
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल में एयरपोर्ट के बाहर करीब 220 भारतीय (Indians) मौजूद हैं, जो अंदर दाखिल होने का इंतजार कर रहे हैं. इंडियन एयरफोर्स (Indian Airforce) का C17 विमान भारतीयों को निकालने के लिए काबुल पहुंच चुका है. सभी भारतीय नागरिक पिछले छह घंटे से इंतजार कर रहे हैं. जैसे-जैसे इंतजार बढ़ रहा