सुपर मार्ट खोलने का झांसा देकर 22 लाख की धोखाधड़ी
बिलासपुर। एम सुपरमार्ट खोलने व फायदा होने पर बराबर बराबर पैसा आपास में बांटने का झांसा देकर युवक से 22 लाख रुपए वसूल लिया। इसके बाद न सुपर मार्ट खोला और न ही पैसा लौटाया। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रतनपुर पुलिस ने बताया कि महामाया पारा रतनपुर निवासी दिलेश्वर सिंह मरकाम पिता स्व. ईतवार सिंह मरकाम किराए के मकान में रहते हैं। उनका स्थाई निवास ग्राम मुरली थाना हरदीबाजार जिला कोरबा है। साल 2024-25 में गिरजाबंद गेट रतनपुर में विनोद अग्रवाल के किराए के मकान में रहता था। वह गिरजाबंद गेट के बाजू में हेल्थ सेक्टर में एडवाईजर का काम करता है। 16 मार्च 2025 को दोपहर में पुरुषोत्तम दास उर्फ कबीर सिंह मानिकपुरी पीडि़त के पास आया और बोला कि आप पढे लिखे हो मेरे पास एक बिजनेस आईडिया है। उसके तहत कबीर एम सुपर मार्ट कटघोरा में खोलने जा रहे थे। जिसमें एक साथ व्यापार करेंगे, जो भी फायदा मिलेगा। उसे आपास में बराबर बांट लेंगे। पीडि़त दिलेश्वर सहमत हो गए और 22 लाख रूपए अलग- अलग फोन के माध्यम से ज्योति विश्वकर्मा, कविता जगत, मिलाप मरकाम, विजय कश्यप के समक्ष नगद दिया। पुरूषोत्तम मानिकपुरी कबीर एम सुपर मार्ट नहीं खोले। तब पीडि़त अपना पैसा मांगा। जिससे पुरूषोत्तम ने यूको बैंक का 2-2 लाख का तीन व 5-5 लाख का दो कुल 5 चेक 16 लाख का दिया। इसके बाद पीडि़त बैंक में जमा किया। तब पुरूषोत्तम के खाता में पैसा ही नहीं था। आरोपी ने 2 सिंतबर 2025 को कोटक महिन्द्रा बैंक से पीडि़त के खाता में 50 लाख रूपए जमा करने की रसीद भेजने की जानकारी दी। इस बीच पीडि़त ने फिर से बैंक में पता किया, तब पैसा जमा नहीं हुआ था। इस मामले में पुलिस आरोपी पुरूषोत्तम के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।


