डिजिटल अरेस्ट कर 82 वर्षीय महिला से करोड़ों की ठगी, दो और आरोपी गिरफ्तार
अब तक कुल 8 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
बिलासपुर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.4 करोड़ रुपए की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो और आरोपियों को रेंज साइबर थाना बिलासपुर द्वारा गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने बताया कि 20 मार्च 2026 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर मंगला चौक निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला के मोबाइल नंबर पर अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा व्हाट्सएप मैसेज व वीडियो कॉल किया गया। आरोपियों ने स्वयं को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को यह कहकर भयभीत किया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है। वे उक्त संगठन को धन भेजने में सहयोग कर रही हैं, जिसके कारण उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जा सकता है। आरोपियों ने महिला को लगातार 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रखकर मानसिक दबाव व भय का वातावरण निर्मित किया। विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग किश्तों के माध्यम से कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजरा रुपए स्थानांतरित करा लिए।
आरोपियों को महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए रेंज साइबर थाना बिलासपुर द्वारा तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण, बैंकिंग ट्रेल, डिजिटल साक्ष्यों एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों के आधार पर लगातार विवेचना की गई। पूर्व में इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। विवेचना के दौरान प्राप्त नवीन साक्ष्यों के आधार पर शनिवार को दो आरोपी राहुल प्रकाश कामडी (38) निवासी ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर, महाराष्ट्र, गौरव रमाकांत मिश्रा (27) निवासी वसंत नगर, अंजनी, नागपुर, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है।


