कालसर्प दोष से डरने की जरूरत नहीं, सही मार्गदर्शन से बदल सकती है जीवन की दिशा
कालसर्प दोष निवारण और ज्योतिष शिविर का प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने किया शुभारंभ
बिलासपुर। प्रेस क्लब बिलासपुर भवन परिसर स्थित डॉ. ई राघवेन्द्र राव सभा भवन में कालसर्प दोष निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। मध्यप्रदेश उज्जैन के ज्योतिषा चार्य पंडित विनोद गुरुजी के नेतृत्व में दोषों को दूर करने के उपाय बताया जायेगा। शिविर का उद्घाटन बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजित मिश्रा, उपाध्यक्ष विजयक्रांति तिवारी, और प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवई, वरिष्ठ पत्रकार सोमनाथ यादव द्वारा किया गया। अध्यक्ष अजित मिश्रा ने भगवान श्री गणेश, मां दुर्गा की पूजा अर्चना विधिविधान के साथ किया।
कालसर्प दोष से छुटकारा पाने के लिए ज्योतिषाचार्य द्वारा सलाह और मार्गदर्शन दिया जाता है। यह शिविर 23 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। यहां जन्म कुंडली के बारे में भी बताया जाता है। कुंडली के दोषों को दूर करने का उपाय के सम्बंध में मार्ग दर्शन देते है। पंडित विनोद गुरुजी ने बताया कि कालसर्प दोष के नाम से कई लोगों में भय बैठा रहता है। लोग समझते हैं कि कालसर्प दोष जिस जातक की कुंडली में होगा उसके जीवन में बहुत सारे कष्ट होंगे। वह हमेशा परेशान रहेगा। जबकि इसके उलट कालसर्प दोष का दूसरा पक्ष भी है कि यदि कालसर्प योग कुंडली में हो तो उस जातक को जीवन में अत्यधिक लाभ प्राप्त होते हैं। इस योग के कारण वह अपने प्रतिद्वंद्वियों पर विजय प्राप्त करता है और जीवन में उन्नति करता है। इस अवसर पर प्रेस क्लब के पत्रकार नारायण नोनिया, शेखर गुप्ता, मोहम्मद इजरायल,जफर आगा,के अलावा बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कालसर्प दोष विद्या अध्ययन में लाता है रुकावट
वेदों के अनुसार राहु का आदि देवता काल और प्रति आदि देवता सर्प है, जबकि केतु का अधि देवता चित्रगुप्त एवं प्रति के आदि देवता भगवान ब्रह्मा जी हैं। राहु का दाहिना भाग काल एवं बाम भाग सर्प है। इसलिए हमेशा राहु एवं केतु की गति वाममार्गी होती है। यदि हम कालसर्प दोष के प्रभाव को देखें तो यह देखने को मिलता है कि कालसर्प दोष विद्या अध्ययन में रुकावट लाता है। जिस व्यक्ति का रोजगार या कारोबार अच्छा चल रहा होता है उसकी कुंडली में यदि कालसर्प दोष आता है तो उसे हानि होने लगती है। उसके कारोबार में अड़चनें आने लगती हैं।


