बाल संप्रेक्षण गृह में नाबालिग की मौत से हडक़ंप, तीन दिन पहले ही पहुंचा था बिलासपुर
बिलासपुर। दुष्कर्म के नाबालिग आरोपी ने बाल संप्रेक्षण गृह में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार की सुबह बालक का शव बाथरूम के अंदर मिला है। इस घटना से हडक़ंप मच गया है। सरकंडा पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है।
सरकंडा पुलिस ने बताया कि रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र के किरमिडांड गांव निवासी शुभम अगरिया को दुष्कर्म के मामले में 15 अगस्त को बिलासपुर स्थित बाल सुधार गृह लाया गया था। सोमवार की रात शुभम खाना खाने के बाद सो गया। मंगलवार सुबह चौकीदार ने संप्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों को उठाया। इसके बाद शुभम बाथरूम जाने के लिए निकला। इसी दौरान उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ आवश्यक कार्रवाई की और मृतक के परिजनों को भी सूचना दी गई।
परिजन से की थी बात
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि शुभम ने घटना से एक दिन पहले ही अपने परिजन से बात की थी। उसकी हरकतों को लेकर परिजन उससे नाराज थे। वहीं, शुभम बाल सुधार गृह से बाहर आने के लिए परिजनों से जिद कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह काफी मानसिक तनाव में था।
पहले भी हो चुकी है घटना
बाल सुधार गृह में इससे पहले भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। यहां चार बंदियों द्वारा एक कर्मचारी की हत्या कर फरार होने की घटना सामने आई थी। बाद में पुलिस ने चारों को पकड़ लिया था। उस घटना के बाद भी बाल सुधार गृह की सुरक्षा और बंदियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।


