भागवत भक्ति का सार है—भगवान के प्रति समर्पण : डॉ. विनय कुमार पाठक

 बिलासपुर.  कुमारी स्नेहा सिंह की पूर्ण स्मृति में वार्षिक श्राद्ध के अवसर पर बिरकोना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस कथा व्यास पं. विकास शुक्ला, केशली, जिला कबीरधाम ने श्रद्धालुओं को अमृतमयी कथा का रसपान कराया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भागवत महापुराण के आध्यात्मिक संदेशों का श्रवण किया।
आज कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मणी विवाह का मनोहारी एवं भावपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किया गया। रुक्मणी जी की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति, प्रेम और समर्पण का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा व्यास ने बताया कि रुक्मणी विवाह केवल एक पौराणिक प्रसंग नहीं, बल्कि जीवात्मा के परमात्मा के प्रति अटूट प्रेम, विश्वास और पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। विवाह प्रसंग के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिमय वातावरण में जयकारे लगाए।
इस अवसर पर डॉ. विनय कुमार पाठक, कुलपति, थावे विद्यापीठ विश्वविद्यालय, बिहार एवं पूर्व अध्यक्ष, राजभाषा आयोग छत्तीसगढ़ (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को भक्ति, सदाचार और सत्य के मार्ग पर ले जाने वाला दिव्य ग्रंथ है। भगवान के प्रति निष्काम प्रेम और समर्पण ही भागवत भक्ति का मूल सार है। रुक्मणी जी की भक्ति हमें सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से परमात्मा की प्राप्ति संभव है।
डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव, पूर्व आई.एस.एस. अधिकारी ने कहा कि भागवत कथा मनुष्य को जीवन की वास्तविकता का बोध कराती है। रुक्मणी विवाह प्रसंग प्रेम, निष्ठा और आस्था का संदेश देता है तथा हमें अपने जीवन में संस्कार और सदाचार अपनाने की प्रेरणा देता है।
श्री विष्णु कुमार तिवारी, पुरान, जिला मुंगेली ने कहा कि श्रीमद्भागवत भारतीय सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का अमूल्य स्रोत है। रुक्मणी जी की अनन्य भक्ति और श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण समाज को प्रेम, विश्वास, सेवा और सद्भाव का संदेश देता है।
कथा व्यास पं. विकास शुक्ला, केशली, जिला कबीरधाम ने विभिन्न आध्यात्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग की महत्ता समझाई। रुक्मणी विवाह प्रसंग के दौरान कथा स्थल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
यह आयोजन राहुल सिंह,वीणा सिंह, दीपक दुबे, हिरेंद्र शुक्ला, गोविंद मिश्रा, गोपाल मिश्रा, खुशी मिश्रा, पायल मिश्रा एवं अंजू दुबे एवं समस्त भक्तजनों के सहयोग से आयोजन श्रद्धापूर्वक संपन्न हो रहा है।

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