डिजिटल क्रॉप सर्वे में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल
डिजिटल क्रॉप सर्वे से छूटे एवं नॉन-जियोरिफरेंसिंग खसरों का होगा भौतिक सत्यापन
बिलासपुर. एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026-27 में जिले की फसलों का सटीक एवं डिजिटल ब्योरा तैयार करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) संचालित है। डीसीएस से छूटे हुए एवं नॉन जियोरिफरेंसिंग खसरों का फसल भौतिक सत्यापन मोबाइल एप के माध्यम से मौके पर जाकर किया जा रहा है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा में सर्वे कार्य पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्री अग्रवाल की अध्यक्षता में मंथन सभागार में नॉन जियोरिफरेंसिंग खसरों के फसल भौतिक सत्यापन एवं डीसीएस सर्वे के संबंध में अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि आगामी धान खरीदी का कार्य डीसीएस सर्वे के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में सर्वेक्षण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो और मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप फसल का सही एवं प्रमाणिक विवरण दर्ज किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सर्वे पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिले में विगत विपणन वर्ष 2025-26 में धान विक्रय करने वाले नॉन जियोरिफरेंसिंग खसरों की संख्या 1,10,872 है। इन खसरों का फसल भौतिक सत्यापन राजस्व विभाग के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों (रायो) को पीवी एप के माध्यम से आबंटित किया गया है। सर्वे के दौरान संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौके पर उपस्थित होकर आबंटित खसरों के न्यूनतम चार अलग-अलग स्थानों/कोनों से फोटो लेकर पॉलीगॉन तैयार कर एप पर अपलोड करेंगे। इसके बाद संबंधित खसरे तहसीलदार एवं हल्का पटवारी की डीसीएस आईडी में प्रदर्शित होंगे, जिन्हें प्राइवेट सर्वेयरों को पुनः आबंटित कर डीसीएस सर्वे पूर्ण कराया जाएगा।
कलेक्टर के निर्देशानुसार अतिरिक्त कलेक्टर श्री वीरेन्द्र पंचभाई ने ग्राम अमेरी, सकरी, पेंडारी तहसील-सकरी, जरौधा, खपरी, तखतपुर तहसील-तखतपुर, मोहदा तहसील-बिल्हा एवं भटगांव तहसील-बोदरी में मौके पर जाकर पीवी एप के माध्यम से फसल भौतिक सत्यापन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित खसरों में मौके पर पॉलीगॉन तैयार करने की प्रक्रिया देखी तथा सर्वे के दौरान आ रही व्यवहारिक कठिनाइयों से वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण में अतिरिक्त कलेक्टर श्री वीरेन्द्र पंचभाई, अपर कलेक्टर श्री शिव बनर्जी एवं प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख श्री एन.पी. गवेल, अधीक्षक भू अभिलेख श्री के. एस यादव सहित जिले के सभी संबंधित तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे।


