बाघ ने किया बैल और बछड़े पर हमला

बेलगहना वन परिक्षेत्र में बाघ के पंजों के मिले निशान

बिलासपुर। बेलगहना वन परिक्षेत्र में बाघ ने किसान के बैल और बछड़े पर जानलेवा हमला किया है। जिससे दोनों गंभीर रुप से घायल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग की। निगरानी के दौरान बाघ तो नजर नहीं आया, लेकिन आसपास उसके पंजों के निशान मिले हैं।

वन विभाग ने बाघ की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए निगरानी और सर्चिंग बढ़ा दी है। बाघ वैसे तो अचानकमार टाइगर रिजर्व का है। लेकिन, पिछले कई दिनों से बाहर निकलकर टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे वनक्षेत्रों में विचरण कर रहा है। अब वह बेलगहना रेंज कक्ष क्रमांक 2471 में पहुंच गया है। उसे मवेशियों को निशाना भी बनाया। ग्रामीणों को जब मवेशियों पर बाघ के हमले की जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। इस दौरान बाघ के पंजों के निशान मिले। वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र में काफी देर तक तलाश की, लेकिन बाघ का पता नहीं चल सका।

एटीआर के स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स भी सक्रिय

अधिकारियों का मानना है कि बाघ घटना के बाद आसपास के जंगल में ही मौजूद हो सकता है। बाघ की तलाश और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व की स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ) को भी सर्चिंग के निर्देश दिए गए हैं। टीम संभावित इलाकों में बाघ की गतिविधियों और उसके आवागमन के संकेतों की तलाश करेगी। वन विभाग की प्राथमिकता बाघ की लोकेशन का पता लगाने के साथ ग्रामीणों और उनके मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

 

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