पेपर लीक पर कांग्रेस चलाएगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन
देशभर में 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटाले हुए
बिलासपुर। देशभर में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और युवाओं के भविष्य को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ देशभर में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। कांग्रेस ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी छात्रों की गूंज अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को सीधे कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं बल्कि उन करोड़ों छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों की आवाज है, जिनकी मेहनत बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती प्रक्रिया में देरी और कथित प्रशासनिक विफलताओं की भेंट चढ़ रही है। कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में देशभर में 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटाले सामने आए, लेकिन किसी बड़े नेटवर्क, कथित राजनीतिक संरक्षण या मुख्य सरगना तक जांच नहीं पहुंच सकी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में देशभर में 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटाले सामने आए, लेकिन किसी बड़े नेटवर्क, कथित राजनीतिक संरक्षण या मुख्य सरगना तक जांच नहीं पहुंच सकी। इस मामले में गिरफ्तारियां केवल निचले स्तर के बिचौलियों तक सीमित रहीं, जबकि असली मास्टरमाइंड बचते रहे। पार्टी ने नीट यूजी- 2026 पेपर लीक मामले को देश की परीक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और करोड़ों परिवारों की उम्मीदें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं। इस पूरे प्रकरण के बाद भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने न नैतिक जिम्मेदारी ली और न ही इस्तीफा दिया।
प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब छात्र सडक़ों पर हैं, परीक्षाएं विवादों में हैं और युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, तब केंद्र सरकार की चुप्पी गंभीर सवाल खड़े करती है। पार्टी का कहना है कि युवाओं की पीड़ा सरकार की प्राथमिकताओं में दिखाई नहीं देती। बीते एक दशक में पेपर लीक और परीक्षा घोटाले राष्ट्रीय स्तर का संकट बन चुके हैं।


