सेंदरी-रानीगांव में खत्म होगा खतरा 52.87 करोड़ से बनेगा अंडरब्रिज
निर्माण के लिए केंद्र सरकार से मिल चुकी है सहमति
स्थानीय और हाईवे यातायात होंगे अलग
पेंड्रा, केंवची, अमरकंटक और प्रयागराज को जोड़ता है एनएच-45
बिलासपुर। रतनपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे 130 मार्ग पर स्थित जानलेवा ब्लैक स्पॉट सेंदरी और रानीगांव में 52.87 करोड़ रुपए की लागत से दो अंडरब्रिज बनाने की योजना को मंजूरी मिल गई है। ब्रिज बनने से यहां सडक़ दुर्घटनाओं में कमी आएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा काम कराया जाएगा।
बिलासपुर-रतनपुर मार्ग जो दो नेशनल हाईवे को जोड़ता है। पहला एनएच 130 जिस पर यह दोनों ब्लैक स्पॉट हैं और दूसरा एनएच-45 जो पेंड्रा, केंवची, अमरकंटक और आगे उत्तर प्रदेश प्रयागराज को जोड़ता है। प्रमुख मार्ग होने की वजह से वाहनों का चौबीसों घंटे भारी दबाव रहता है। लगातार दुर्घटना की वजह से सेंदरी और रानीगांव को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है, जिसे देखते हुए हाईकोर्ट में लगी याचिका के दौरान गठित टीम ने अंडर ब्रिज या ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव दिया था। मामले में एनएचएआई के प्रयास पर सेंदरी में 23.93 करोड़ रुपए और रानीगांव में 28.94 करोड़ रुपए की लागत से अंडर ब्रिज बनने पर विभाग को केंद्र सरकार से सहमति मिल चुकी है। अब अंडरपासों से स्थानीय और हाईवे के मुख्य तेज रफ्तार यातायात को अलग-अलग किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से आए दिन होने वाली मौतों और गंभीर सडक़ दुर्घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगने की संभावना है, साथ ही रतनपुर, कटघोरा, कोरबा, अंबिकापुर, अमरकंटक और उत्तर प्रदेश प्रयागराज की ओर जाने वाले यात्रियों को भी सुरक्षित सफर मिलेगा।
सडक़ हादसों में आएगी कमी
सेंदरी और रानीगांव दोनों ही प्रमुख चौराहे लंबे समय से खतरनाक ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित रहे हैं, जहां ग्रामीण संपर्क मार्गों से आने वाले लोग अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर जान गंवाते रहे हैं। अंडरपास बनने के बाद दोनों चौराहों पर स्थानीय आबादी और वाहन नीचे से सुरक्षित निकल सकेंगे।


