आपातकाल के बारे में नई पीढ़ी को अवगत कराना आवश्यक

 

लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने का बयान

स्कूली छात्रों को करेंगे सम्मानित

बिलासपुर। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व लोकतंत्र प्रहरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय था। उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया। हजारों लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। इसलिए नई पीढ़ी को उस कालखंड की वास्तविक जानकारी देना समय की आवश्यकता है।

प्रेस क्लब में सच्चिदानंद उपासने ने बताया कि लोकतंत्र सेनानी संघ व लोकतंत्र प्रहरी द्वारा प्रतिवर्ष 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए और लोकतंत्र को गंभीर आघात पहुंचा। लोकतंत्र की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित अनेक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया। कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष जारी रखा। अंतत: वर्ष 1977 के आम चुनाव में लोकतंत्र की विजय हुई और तानाशाही प्रवृत्तियों की पराजय हुई।

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स्कूलों में छात्रों से निबंध लिखवाए गए
उपासने ने बताया कि विद्यालय स्तर पर आपातकाल कभी विस्मृत न हो तथा महाविद्यालय स्तर पर 25 जून संविधान हत्या दिवस की प्रासंगिकता विषय पर निबंध आमंत्रित किए गए थे। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 520 निबंध प्राप्त हुए, जिनका मूल्यांकन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। आगामी 28 जून 2026 को रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में लोकतंत्र सेनानियों एवं लोकतंत्र प्रहरियों के परिवार सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

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