स्मार्ट मीटर से नहीं बढ़ती बिजली खपत, तीन शहरों के सर्वे में खुली हकीकत
मोर बिजली ऐप से कर सकते हैं बिजली खपत की निगरानी
बिलासपुर। स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत बढऩे की अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) के तीन शहरों रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में किए गए तुलनात्मक अध्ययन में यह सामने आया है कि जुलाई 2026 में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। कंपनी का दावा है कि अधिक बिजली बिल का कारण स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं द्वारा बिजली उपकरणों का अधिक उपयोग है।
रायपुर के 3.11 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में जून की तुलना में जुलाई में कुल बिजली खपत 28 प्रतिशत कम दर्ज हुई, जबकि 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं में करीब 44 प्रतिशत की कमी आई। वहीं दुर्ग में चयनित उपभोक्ताओं की बिजली खपत जुलाई में लगभग 53 प्रतिशत और बिलासपुर सिटी सर्किल के 9,717 उपभोक्ताओं में करीब 43 प्रतिशत कम दर्ज की गई। बिजली कंपनी ने बताया कि जुलाई में एसी सहित अन्य उपकरणों का उपयोग कम होने से खपत घटी है। साथ ही, स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग समान पाई गई है। अब स्वीकृत भार से अधिक उपयोग पर लगने वाली सप्लाई अफोर्डिंग राशि भी वर्ष में केवल एक बार जनवरी के बिल में जोड़ी जाएगी। कंपनी ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर को लेकर फैल रही भ्रामक जानकारी पर विश्वास नहीं करने की अपील करते हुए कहा है कि मोर बिजली ऐप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की निगरानी कर सकते हैं। बिजली बिल संबंधी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।


