बिजली बिल सरकार प्रायोजित लूट के उदाहरण
रायपुर. प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बिजली बिल सरकार प्रायोजित लूट के उदाहरण है। हर जगह बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी खपत वास्तविक खपत से अधिक बताई जा रही है, स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से चल रहा है। बिजली उपभोक्ताओं का यह अधिकार है कि अपनी वास्तविक खपत को जान सके। चेक मीटर का प्रावधान पहले से ही था, लेकिन यह सरकार अपनी लूट पर परदेदारी करने के लिए चेक मीटर लगाने और मीटर चेक करवाने उपभोक्ताओं से 1000 और 1500 रुपए शुल्क लेने का प्रावधान कर दिया गया है, यदि मीटर में गड़बड़ी का आरोप उपभोक्ता लगा रहे हैं, तो उसे मुफ्त में चेक किया जाए, किसी भी तरह से अतिरिक्त शुल्क अनुचित है। यह प्रावधान सरकार ने गड़बड़ी छुपाने के लिये किया है। मीटर चेक शुल्क का प्रावधान तत्काल वापस ले सरकार।
भाजपा सरकार बिजली बिल के नाम पर जनता को लूट रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार ने बिजली के दाम चार बार बढ़ा दिया। 400 यूनिट हाफ योजना को बंद कर दिया। स्मार्ट मीटर लगा दिया इन सबसे बिजली के दाम बेतहाशा बढ़ गए, जनता परेशान है। सरकार, जनता को राहत देने के बजाय अब बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एफपीपीएस) के रूप में अतिरिक्त चार्ज इस महीने से लगाने जा रही, इससे बिजली के दाम एक बार फिर से बढ़ेंगे। कांग्रेस, सरकार के इस निर्णय का विरोध करती है। सरकार, कोयले का सेस कम होने के कारण बिजली का दाम कम तो नहीं कर रही, ऊपर से एक नया टैक्स लगा रही।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 400 यूनिट तक छूट को आधी करके 200 यूनिट किया, उसमें भी यह शर्त लगा दिया गया कि खपत 400 यूनिट से अधिक होते ही सारी छूट, राहत, रियायत पूरी तरह खत्म। ऊपर से सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाकर अधिक वसूली कर रहे है। अधिक मुनाफाखोरी के लालच में यह सरकार अनाप-शनाप बिजली बिल वसूलने के लिए नए नए पैंतरे अपना रही है।


