अपोलो अस्पताल में सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं लागू करने की मांग
सांसद ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा पत्र, ईसीएचएस और आयुष्मान सहित अन्य योजनाओं का लाभ मरीजों तक पहुंचाने का किया आग्रह
बिलासपुर। बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिलने का मामला एक बार फिर उठाया गया है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि अविभाजित मध्यप्रदेश शासन ने 21 नवंबर 1990 को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) को लिंगियाडीह-सीपत रोड स्थित अपोलो अस्पताल के संचालन के लिए विशेष शर्तों के साथ भूमि आवंटित की थी। हालांकि, आरोप है कि जिस उद्देश्य से भूमि आवंटित की गई थी, उसका पूर्ण रूप से पालन नहीं किया जा रहा है।
पत्र के अनुसार, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को ईसीएचएस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) का लाभ नहीं मिलने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बिलासपुर द्वारा वर्ष 2021 से लगातार पत्राचार कर अपोलो अस्पताल को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना तथा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत पंजीकृत किए जाने का आग्रह किया गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने की बात कही गई है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के अलावा प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से उपचार के लिए आने वाले मरीज भी इन योजनाओं से वंचित हो रहे हैं।
व्यापक जनहित का हवाला देते हुए संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से अपोलो अस्पताल में केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।


