भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने से तीन जन्मों के पापों के नाश
श्री पीतांबरा पीठ में सावन महोत्सव व महारुद्राभिषेक महायज्ञ जारी
बिलासपुर। भगवान शिव को अत्यंत प्रिय बेलपत्र अर्पित करने से तीन जन्मों के पापों के नाश, अखंड सौभाग्य व मोक्ष की प्राप्ति की धार्मिक मान्यता है। श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में परमपूज्य गुरुदेव भगवान के पावन आशीर्वाद व पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश महाराज के सान्निध्य में सावन महोत्सव (चतुर्थ वर्ष) व श्री महारुद्राभिषेकात्मक महायज्ञ श्रद्धा, भक्ति व वैदिक परंपरा के अनुरूप भव्य रूप से जारी है।
श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का नमक-चमक वैदिक मंत्रों के साथ महारुद्राभिषेक किया जाता है। इसके उपरांत दोपहर 1.30 बजे महाआरती संपन्न होती है। भगवान शिव को अत्यंत दयालु एवं आशुतोष माना गया है। वे भक्त द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए एक पत्र या पुष्प से भी प्रसन्न हो जाते हैं। शिव पूजा में विभिन्न पत्र-पुष्पों का अपना विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। शमी पत्र अर्पित करने से शनि संबंधी कष्टों से मुक्ति, शत्रुओं पर विजय तथा मानसिक परेशानियों से राहत मिलने की मान्यता है। आंक या मदार का पत्र भगवान शिव को अर्पित करने से आरोग्य, शारीरिक शक्ति व तेज की प्राप्ति का धार्मिक महत्व बताया गया है।


