चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर, बस्तर में डैम से पानी छोड़े जाने के कारण बढ़ी बाढ़ की संभावना, बचाव एवं राहत अभियान जारी

 

 

बाढ़ आपदा प्रबंधन दल ने शनिवार को 130 प्रभावितों का किया रेस्क्यू

रायपुर.  चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के व्यापक प्रभाव से हुई भारी बारिश के बाद डैम से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। हालांकि स्थानीय स्तर पर ऊपर से बारिश का दौर फिलहाल थमा हुआ है, लेकिन मौसमी समीकरण और ऊपरी क्षेत्रों में बने भारी दबाव के बाद बांधों से छोड़े जा रहे अत्यधिक जलप्रवाह के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जलभराव का दायरा नए रिहायशी और ग्रामीण इलाकों तक फैल गया है।

इस विषम परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। चलाए जा रहे निरंतर अभियानों के तहत शनिवार को दिनभर में 130 प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर शिविरों तक पहुँचाया गया, जबकि इससे ठीक एक दिन पूर्व भी 88 लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया था। संवेदनशील और जलमग्न दो से तीन इलाकों में अभी भी बचाव टीमें मुस्तैदी से जुटी हुई हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन निरंतर गति से जारी है।

बाढ़ से प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और उन्हें सभी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही भोजन मुहैया कराने के लिए प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण अंचलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहाँ वर्तमान में साढ़े चार हज़ार से अधिक प्रभावितों को रखा गया है। तूफान के प्रभाव और बांध से आ रहे जलप्रवाह की स्थिति को देखते हुए राहत दल पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही प्रभावितों के राहत कार्य में सक्रियता के साथ जुटे हुए हैं।

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