3 देवियों को समर्पित मां महामाया मंदिर में 31 हजार ज्योति प्रज्जवलित होंगे
52 शक्तिपीठों में से एक है रतनपुर महामाया मंदिर
बिलासपुर. रविवार से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया है। जिले के सभी छोटे बड़े देवी मंदिरों ज्योति प्रज्जवलित किए जाएंगे। नवरात्र की पूरी तैयारी कर ली गई है। पूजा अर्चना और विधि विधान के साथ मां दुर्गा विराजमान होंगी। अब पूरे 10 दिनों तक मां दुर्गा के जयकारे की गूंज सुनाई देगी। कलश प्रज्ज्वलन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.36 से दोपहर 12.36 बजे तक रहेगा।
रतनपुर स्थित महामाया मंदिर महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती को समर्पित है। यह 52 शक्तिपीठों में से एक है। स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां माता सती का दायां कंधा गिरा था। देवी महामाया को कोसलेश्वरी के रूप में भी जाना जाता है। वे प्राचीन दक्षिण कोसल क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी हैं। इस बार करीब एक टन दोना-पत्तल का ऑर्डर है, जिसमें प्रसाद दिया जाएगा मंदिर में प्रतिदिन 19 घंटे दर्शन करने की सुविधा रहेगी। सप्तमी के दिन पूरी रात मंदिर का पट खुला रहेगा। 101 पंडिता मां महामाया की पूजा अर्चना करेंगे। देवी भागवत, दुर्गा सप्तसती पाठ, सतचंडी यज्ञ और जसगीत रोजाना आयोजित किया जाएगा। मंदिर में 31 हजार ज्योति कलश प्रज्जवलित किए जाएंगे। श्रद्धालु 700 रुपए में तेल और 21 सौ रुपए में घी के दीपक जलवा सकेंगे। भक्तों के रूकने के लिए आसपास होटल व भवन है। ट्रस्ट का निशुल्क अतिथि आवास की सुविधा है। 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है।


