सरकार ने सभी गैर-अधिसूचित कैंसर-रोधी दवाओं पर व्यापारिक लाभ को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के 30 प्रतिशत पर सीमित करने का निर्णय लिया है, जिसके दायरे में ब्रांडेड और जेनेरिक, घरेलू और आयातित, तथा पेटेंट और गैर-पेटेंट वाली सभी दवाएं शामिल होंगी। इस महीने के अंत में लागू होने वाले इस फैसले से
गोवा. पणजी में पुलिस ने अभिनेता नाना पाटेकर की मौत के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत) का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अभिनेता को डोना पाउला स्थित ओशन पार्क के उनके आवास से बांबोलिम के मणिपाल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल के कैजुअल्टी
रायपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने रायपुर नगर निगम द्वारा राजधानी में कचरा फेंकने वालों पर नजर रखने के लिए 160 स्थानों पर सौर ऊर्जा चालित सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना को भ्रष्टाचार का एक और बड़ा नमूना करार दिया है। उन्होंने कहा कि राजधानी की बुनियादी
“मन और आत्मा में संतुलन” के संदेश के साथ अभियान पूरे साल खुलकर बातचीत, आध्यात्मिक जीवन और समय पर विशेषज्ञों की मदद लेने पर जोर देता है मुंबई, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस से पहले अप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप की आध्यात्मिक और वेलनेस पहल गो स्पिरिचुअल अपने लगातार चल रहे मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को और मजबूत कर रही है। अभियान का उद्देश्य लोगों को अपनी मानसिक और भावनात्मक परेशानियों पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करना, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गलत धारणाएं दूर करना और समय पर सही मदद लेने के लिए जागरूक करना है। यह अभियान गो स्पिरिचुअल और अप्रोच एंटरटेनमेंट के संस्थापक सोनू त्यागी के नेतृत्व में चल रहा है, जिन्हें 7वें वर्ल्ड मेंटल हेल्थ कांग्रेस एंड अवॉर्ड्स में “टॉप मोस्ट लीडर्स इन मेंटल हेल्थ” पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अभियान आध्यात्मिक जागरूकता, मन की सेहत और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद को साथ लेकर चलने का संदेश देता है। https://www.youtube.com/watch?v=Gq3EY7pw_tY “मन और आत्मा में संतुलन” — “Harmony in Mind and Soul” के संदेश पर आधारित यह अभियान केवल किसी एक खास दिन तक सीमित नहीं है। गो स्पिरिचुअल पूरे साल अपने मीडिया मंचों, डिजिटल माध्यमों और सामाजिक जागरूकता की पहलों के जरिए लोगों, परिवारों, स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों को मानसिक परेशानियों को समझने और संवेदनशीलता के साथ मदद करने के लिए प्रोत्साहित करता है। सोनू त्यागी ने कहा, “विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस इन जरूरी बातों पर लोगों का ध्यान लाने का एक अच्छा अवसर है, लेकिन हमारा काम पूरे साल चलता रहता है। चिंता, अवसाद, किसी अपने को खोने का दुख या अकेलापन सिर्फ 10 अक्टूबर को नहीं होता। घर, स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और समाज में मानसिक स्वास्थ्य पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है। गो स्पिरिचुअल के जरिए हम एक सीधा संदेश देना चाहते हैं कि किसी को भी अपनी परेशानी चुपचाप सहने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। मदद मांगना शर्म की बात नहीं है।” अभियान अलग-अलग उम्र के लोगों की भावनात्मक परेशानियों पर ध्यान देता है। इनमें युवाओं पर पढ़ाई और करियर का दबाव, काम का तनाव, किसी की देखभाल की जिम्मेदारी, रिश्तों की मुश्किलें और बुजुर्गों का अकेलापन शामिल हैं। गो स्पिरिचुअल लोगों से अपील करता है कि वे केवल किसी की बाहरी जिंदगी देखकर यह न मान लें कि वह पूरी तरह ठीक है। सफल दिखने वाला, लोगों से मिलने-जुलने वाला या अच्छा काम करने वाला व्यक्ति भी अंदर से परेशान हो सकता है और उसे मदद की जरूरत हो सकती है। इस दिशा में लगातार काम करना जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया में एक अरब से ज्यादा लोग मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के साथ जी रहे हैं, जबकि कई लोगों को सही इलाज और सहायता मिलने में मुश्किल होती है। गो स्पिरिचुअल का कहना है कि जागरूकता ऐसी होनी चाहिए जिससे लोग समझ सकें कि उन्हें कब मदद की जरूरत है और वे बिना डर या शर्म के सहायता ले सकें। त्यागी ने कहा, “कई बार किसी की मानसिक परेशानी को कमजोरी, ज्यादा सोचने की आदत या इच्छाशक्ति की कमी कहकर टाल दिया जाता है। हमें ऐसा करने के बजाय धैर्य और समझदारी से बात करनी चाहिए। किसी की बात ध्यान से सुनना, उसकी परेशानी को गंभीरता से लेना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना बहुत जरूरी है।” अभियान का एक महत्वपूर्ण संदेश यह है कि आध्यात्मिक जीवन और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद साथ-साथ चल सकती है। गो स्पिरिचुअल ध्यान, योग, वर्तमान पल पर ध्यान देना, अपने विचारों और भावनाओं को समझना तथा लोगों से जुड़ाव बनाए रखना जैसी आदतों को मन की सेहत के लिए अपनाने का संदेश देता है। साथ ही, संगठन साफ करता है कि ये तरीके काउंसलिंग, मनोचिकित्सक की जांच या डॉक्टर की बताई दवाओं की जगह नहीं लेते। त्यागी ने कहा, “आध्यात्मिकता हमें दूसरों का दुख समझना और उनके प्रति दयालु होना सिखाए। मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहे किसी व्यक्ति से यह नहीं कहना चाहिए कि उसकी आस्था कम है या वह पूरी कोशिश नहीं कर रहा। विशेषज्ञों की मदद, अपने मन को समझना और अपनों का साथ एक साथ मिल सकते हैं। हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है और जरूरत पड़ने पर उसे योग्य विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।” युवाओं के लिए अभियान माता-पिता और शिक्षकों को केवल नंबर, दाखिले और करियर की उपलब्धियों पर बात करने के बजाय उनके मन की स्थिति पर भी ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करता है। गो स्पिरिचुअल का कहना है कि बच्चों और युवाओं की बात बिना अपमान किए या बार-बार दूसरों से तुलना किए सुननी चाहिए। उनकी भावनात्मक परेशानियों को गंभीरता से लेना और जरूरत पड़ने पर सही मदद दिलाना जरूरी है। अभियान मोबाइल और सोशल मीडिया के संतुलित इस्तेमाल तथा ऑनलाइन हमेशा सफल दिखने के दबाव पर भी सोचने के लिए प्रेरित करता है। बुजुर्गों की मानसिक और भावनात्मक सेहत भी संगठन की लगातार चल रही पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गो स्पिरिचुअल परिवारों से अपील करता है कि वे बुजुर्गों की शारीरिक सेहत के साथ उनके अकेलेपन, सम्मान और परिवार में उनकी भागीदारी पर भी ध्यान दें। उनसे नियमित बातचीत करना और उन्हें परिवार व समाज से जुड़े रहने का अवसर देना जरूरी है। अगर उनकी मानसिक परेशानी लगातार बनी रहे, तो विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए। गो स्पिरिचुअल न्यूज़ मैगज़ीन और ऐप, अपने पोर्टल और सोशल मीडिया मंचों के जरिए संगठन मन की सेहत, रिश्तों में समझ और दया, ध्यान तथा मदद लेने के महत्व पर लगातार जागरूकता फैलाता है। नकारात्मक और अपराध की खबरों की भरमार के खिलाफ उसका अभियान लोगों को अपनी खबरें देखने और पढ़ने की आदतों पर सोचने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। संगठन का संदेश है कि जरूरी खबरों से जुड़े रहने के साथ आराम, सकारात्मक सामग्री और अपनों से बातचीत के लिए भी समय निकालना चाहिए। त्यागी ने कहा, “जागरूकता तभी काम की है जब उससे हमारा एक-दूसरे के प्रति व्यवहार बदले। परिवार में किसी की बात तुरंत फैसला सुनाए बिना सुनें। जो अकेला महसूस कर रहा हो, उसका हाल पूछें। साथ काम करने वाले किसी व्यक्ति की परेशानी को गंभीरता से लें। खुद जरूरत महसूस हो तो मदद लें। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस इस सोच को मजबूत कर सकता है, लेकिन एक-दूसरे की चिंता और देखभाल हर दिन होनी चाहिए।” सोनू त्यागी पुरस्कार विजेता लेखक, निर्देशक और निर्माता हैं। उन्होंने मनोविज्ञान में स्नातक किया है और विज्ञापन प्रबंधन, पत्रकारिता तथा फिल्म निर्माण की पेशेवर पढ़ाई की है। वह अपनी रचनात्मक कहानियों और संचार के काम के साथ आध्यात्मिकता, मानवता, दया और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने राकेश बेदी की भागीदारी वाली आध्यात्मिक वेब सीरीज टू ग्रेट मास्टर्स की रचना और सह-निर्माण किया है। वह अप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप का नेतृत्व करते हैं। गो स्पिरिचुअल एक आध्यात्मिक और वेलनेस संगठन है, जो आध्यात्मिकता, आध्यात्मिक जागरूकता, परोपकार और सामाजिक कार्यों, मानसिक स्वास्थ्य, सेहत, आयुर्वेद, संतुलित जीवन, जैविक जीवनशैली, आध्यात्मिक पर्यटन, मीडिया और आयोजनों के क्षेत्र में काम करता है। इसके गो स्पिरिचुअल न्यूज़ मैगज़ीन और ऐप पर आध्यात्मिकता, सेहत, ध्यान, प्रेरक कहानियों और जागरूक जीवन से जुड़ी सामग्री उपलब्ध है। संगठन सकारात्मक और आध्यात्मिक सामग्री के लिए वेब टीवी और ओटीटी मंच शुरू करने की भी तैयारी कर रहा है। अप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप मनोरंजन, संचार और मीडिया के क्षेत्र में काम करता है। अप्रोच एंटरटेनमेंट की सेवाओं में सेलिब्रिटी और टैलेंट मैनेजमेंट, फिल्म निर्माण, विज्ञापन और कॉर्पोरेट फिल्मों का निर्माण, फिल्मों की मार्केटिंग, आयोजन और मनोरंजन मार्केटिंग शामिल हैं। अप्रोच कम्युनिकेशंस पुरस्कार विजेता जनसंपर्क, डिजिटल और समग्र संचार एजेंसी है। अप्रोच बॉलीवुड बॉलीवुड और मनोरंजन की खबरों के लिए न्यूज़वायर, पोर्टल और ऐप के रूप में काम करता है।
शिक्षा से मजबूत होंगे भारत-आयरलैंड रिश्ते, मुंबई में जुटे 17 प्रमुख आयरिश संस्थान आयरलैंड में पढ़ाई का सपना होगा आसान, मुंबई शिक्षा मेले में छात्रों को मिला सीधा मार्गदर्शन आयरलैंड की यूनिवर्सिटीज ने मुंबई में खोले अवसरों के द्वार मुंबई /अनिल बेदाग: आयरलैंड में उच्च शिक्षा की संभावनाओं को भारतीय छात्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य
रायपुर. प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि भूपेश सरकार में बनाई गयी 10 हजार से ज्यादा गोठान भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते बंद कर दिया योजनाओं को समाप्त करने का सीधा असर अब प्रदेश की सड़कों और आम बस्तियों में दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में