काउंसिलिंग रजिस्टर में हेरफेर का आरोप, शिक्षिका और काउंसलर पर एफआईआर
कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने दर्ज किया मामला, 498ए का पुराना प्रकरण हाईकोर्ट से खारिज होने का दावा
बिलासपुर. महिला परामर्श केंद्र के काउंसिलिंग रजिस्टर में कथित तौर पर काट-छांट और हेरफेर कर दस्तावेज तैयार करने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने एक शिक्षिका और महिला थाना की काउंसलर के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। यह कार्रवाई जिला न्यायालय के आदेश के बाद की गई है। पुलिस ने मामले में रीतू पाण्डेय (मिश्रा) और काउंसलर आशा सिंह के खिलाफ धारा 337, 340 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।शिकायतकर्ता सुधांशु मिश्रा के अनुसार, उनकी पत्नी रीतू पाण्डेय (मिश्रा), जो केंद्रीय विद्यालय रायगढ़ में पीआरटी शिक्षिका हैं, ने महिला परामर्श केंद्र में शिकायत की थी। 12 जून 2023 को अंतिम काउंसिलिंग के दौरान महिला थाना की काउंसलर आशा सिंह ने दोनों पक्षों की काउंसिलिंग की थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि उस समय काउंसिलिंग रजिस्टर में पत्नी की ओर से महिला थाना में चल रहे प्रकरण को खारिज कराने की बात लिखी गई थी तथा उस पर पति-पत्नी और काउंसलर के हस्ताक्षर थे। सुधांशु मिश्रा का आरोप है कि बाद में उनकी पत्नी ने सरकंडा थाने में पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया। इसके बाद प्राप्त प्रमाणित प्रति और चालान में अंतर सामने आने का दावा करते हुए उन्होंने काउंसिलिंग रजिस्टर में काट-छांट कर दस्तावेज में हेरफेर किए जाने की शिकायत की।
शिकायतकर्ता के मुताबिक आईजी, एसपी और महिला थाना में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमारी रिया चक्रवर्ती के आदेश के पालन में सिविल लाइन थाना पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को अपराध क्रमांक 1282 दर्ज किया। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराया गया पूर्व 498ए का मामला हाईकोर्ट से खारिज हो चुका है। मामले में अधिवक्ता धनंजय मिश्रा ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। पुलिस अब प्रकरण में दस्तावेजों और काउंसिलिंग रजिस्टर में कथित हेरफेर की जांच करेगी।


