नई दिल्ली. 19 नंवबर को यानी कि कल इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2021) लगने जा रहा है. यह चंद्र ग्रहण कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दरअसल, यह चंद्र ग्रहण कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को लग रहा है, जिसे कार्तिक पूर्णिमा भी कहते हैं.
कार्तिक महीने (Kartik Purnima) का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है. कार्तिक महीने की पूर्णिमा भगवान विष्णु और तुलसी की (Lord Vishnu and Tulsi Puja) पूजा के लिए सबसे ज्यादा अहम मानी गई है. इस दिन की गई पूजा का कई गुना ज्यादा फल मिलता है. साथ ही कार्तिक पूर्णिमा के दिन किए गए उपाय
आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) ने जीवन के हर पहलू को लेकर अहम बातें बताईं हैं. फिर चाहे वो हर हाल में खुश रहने की हो, शत्रुओं पर विजय पाने की हो या चुनतियों को पार करने की हो. आचार्य चाणक्य की कुछ बातों को यदि जिंदगी में उतार लिया जाए तो जिंदगी आसान और सुखद
चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) और सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) को वैसे तो धर्म और ज्योतिष में अशुभ माना गया है इसलिए इस दौरान शुभ काम करने, खाने-पीने की मनाही की गई है. ये ग्रहण लोगों पर भी बड़ा असर डालते हैं. ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के मुताबिक हर ग्रहण का सभी 12 राशियों (Grahan impact on
ज्योतिष (Astrology) में हर राशि (Zodiac Sign) के जातकों की खूबियों-खामियों के बारे में बताया गया है. इसके मुताबिक कुछ राशियों की लड़कियां (Girls) अपने पति को पूरी जिंदगी बेइंतहां प्यार करती हैं. वे हमेशा अपने पति का ख्याल रखती हैं और अपने पति के लिए बेहद लकी भी साबित होती हैं. जिन लड़कों को
हर व्यक्ति का अपना खास व्यवहार, आदतें और पर्सनालिटी होती है. इसके आधार पर उसकी एक छवि बनती है. लोग भी उसके व्यवहार के आधार पर उसके प्रति अपना नजरिया बनाते हैं. इस सबके बाद भी कुछ लोग ऐसे होते हैं जो खासे रहस्यमयी होते हैं और उनकी चालाकियां लोग समझ नहीं पाते हैं. ज्योतिष
कुछ लोग करियर (Career) में बहुत तेजी से तरक्की करते हैं. वे टैलेंटेड तो होते ही हैं लेकिन उन्हें मौके भी अच्छे मिलते हैं. कुल मिलाकर टैलेंट और मेहनत के अलावा किस्मत की मेहरबानी भी उन्हें जमकर तरक्की दिलाती है. आज हम ऐसी लड़कियों (Girls) के बारे में जानते हैं जो कम उम्र में ही
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे (Tulsi Plant) को बहुत ही पवित्र और अहम माना गया है. तुलसी जी मां लक्ष्मी का ही रूप हैं और जहां तुलसी का पौधा रहता है, वहां मां लक्ष्मी (Maa Laxmi) वास करती हैं. इसके अलावा वैज्ञानिक लिहाज से भी देखें तो तुलसी का पौधा आसपास की हवा को
सपने (Dreams) आने के पीछे कई कारण हैं और वे कई तरह के संकेत भी देते हैं. लिहाजा सपनों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है. वहीं लगातार आने वाले एक जैसे सपने या डरावने सपने (Scary Dreams) कई तरह के वहम भी पैदा कर देते हैं. कई बार हालत इस तरह बिगड़ जाती
ज्योतिष (Astrology) में शनि देव (Shani Dev) को बहुत क्रूर ग्रह माना गया है. वे न्याय के देवता हैं और कर्मों के हिसाब से फल देते हैं. लिहाजा शनि देव से बचकर रहना ही बेहतर होता है. इसके लिए वो सारे काम नहीं करना चाहिए, जो शनि देव को नाराज कर सकते हैं. खासतौर पर
सफलता, स्वास्थ्य, आत्मविश्वास के कारक ग्रह सूर्य (Sun) और बुद्धिमत्ता, धन के कारक ग्रह बुध (Mercury ) जल्द ही युति बनाने जा रहे हैं. ये दोनों ग्रह वृश्चिक राशि में युति बनाएंगे. सूर्य और बुध की युति (Surya-Budh Ki Yuti) को बुधादित्य योग (Budhaditya Yog) कहते हैं. यह योग सभी 12 राशियों पर बड़ा असर
नई दिल्ली. हर किसी की एक राशि होती है. व्यक्ति का स्वभाव, व्यक्तित्व और भविष्यफल अलग-अलग होता है और इसका अंदाजा राशि के जरिए ही लगाया जाता है. हर राशि का अपने स्वामी ग्रह के कारण अलग स्वभाव होता है. आज हम आपको उन राशि के जातकों के बारे में बताने जा रहे हैं जो
कार्तिक महीने (Kartik Month 2021) की अमावस्या पर दीप पर्व मनाते ही देवउठनी एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा का इंतजार शुरू हो जाता है. कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima 2021) को सभी पूर्णिमा में सबसे ज्यादा पवित्र और अहम माना गया है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान किया जाता है. विष्णु पुराण के मुताबिक कार्तिक पूर्णिमा के
नई दिल्ली.अगरआपको लगता है कि बुरा समय आपका पीछा नहीं छोड़ रहा है या आपका बैडलक चल रहा है. तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप ज्योतिष शास्त्र में बताए गए उपायों को अपना सकते हैं. इनसे आपकी परेशानियां कुछ कम हो सकती हैं. आइए बताते हैं इनके बारे में. नहाते समय करें
नई दिल्ली. चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन आज 11 नवंबर 2021, गुरुवार को हुआ. सुबह से ही लोग नदियों के घाट पर पहु्ंचने लगे. देशभर के हजारों लोगों ने सूर्य को अर्घ्य दिया और पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाई. छठ पर्व पर सूर्य देव और उनकी बहन छठ मैय्या की उपासना की
नई दिल्ली. अक्सर हमने किसी न किसी के मुंह से यह कहते सुना होगा कि मेरी आंख फड़क रही है. अगर किसी की आंख फड़कती है तो इसे शगुन या अपशगुन से जोड़कर देखा जाता है. लोगों का यह भी मानना है कि आंख का फड़कने का मतलब आगे होने वाली घटना के बारे में सूचित
नई दिल्ली. लोक आस्था के कई रंगों से सजा छठ पर्व (Chhath Parv 2021) की छठा हर ओर बिखरी हुई है. नहाय-खाय और खरना के बाद अब तीसरे दिन शाम के अर्घ्य की तैयारी है. अस्ताचल गामी सूर्य जब पश्चिम दिशा में अपने लोक की ओर जा रहे होंगे तो व्रती महिलाएं और पुरुष उन्हें अर्घ्य
हनुमान जी (Hanuman Ji) और मंगलवार (Tuesday) का बेहद गहरा संबंध है. सप्ताह का यह दिन रामभक्त संकटमोचक हनुमान को समर्पित है इसलिए हर मंगलवार को हनुमान मंदिरों (Hanuman Mandir) में भक्तों की भीड़ दिखाई देती है. हनुमान जी हर संकट को दूर करने वाले हैं इसलिए उन्हें संकटमोचक कहा जाता है. मंगलवार को किया
जिंदगी से जुड़े तकरीबन सभी पहलुओं को लेकर आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) ने बहुत अहम बातें बताईं हैं. उन्होंने बताया है कि अच्छे और सुखी जीवन के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए. यदि इन बातों को अपनाया जाए तो जिंदगी को स्वर्ग (Life like Heaven) बनते देर नहीं लगती, वहीं गलत
4 दिन तक चलने वाला छठ पर्व (Chhath Parv 2021) आज (8 नवंबर 2021) नहाए-खाए के साथ शुरू हो गया है. छठ पूजा बिहार राज्य का प्रमुख पर्व है. छठ पूजा के पहले दिन व्रती स्नान करके नए कपड़े पहनते हैं और फिर पूजा करते हैं. पूजा के बाद व्रती भोजन में चने की दाल