नई दिल्ली. गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2021) से 10 दिन के गणेशोत्सव की शुरुआत हो चुकी है, जो 19 सितंबर तक चलेगा. इस दौरान गणपति बप्पा (Ganpati Bappa) की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. भगवान को उनकी प्रिय चीजें अर्पित की जाती हैं, ताकि उनकी कृपा हम पर बनी रहे. विघ्नहर्ता भगवान गणेश सारे दुख
नई दिल्ली. देश-दुनिया में 10 दिनों तक मनाया जाने वाला गणेशोत्सव शुक्रवार को गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हो गया है. श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी आस्था के अनुसार गणेश जी (Lord Ganesh) प्रतिमाओं को घर पर लाकर विराजमान किया. गणेश चतुर्थी पर न करें ये काम धर्म शास्त्रों के मुताबिक गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2021) पर रात्रि
नई दिल्ली. घर-घर में गणपति (Ganpati) विराजने के साथ गणेश उत्सव की शुरुआत हो चुकी है. गणपति के आगमन से लोगों के मन में उल्लास है. अनंत चतुर्दशी तक अपने भक्तों के साथ रहते हुए गणपति बप्पा उन पर अपनी कृपा बरसाएंगे. इस दौरान कुछ ग्रह परिवर्तन भी होंगे, जो सभी राशियों (Zodiac Sign) पर अपना
नई दिल्ली. भक्तों का इंतजार खत्म हो गया है. आज (10 सितंबर, शुक्रवार) भाद्रपद महीने की गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2021) को घर-घर में गणपति बप्पा विराजेंगे और 10 दिनों तक अपने भक्तों के साथ रहेंगे. गणेश चतुर्थी पर लोग धूमधाम से गणपति (Ganpati) को घर लाकर उनकी विशेष पूजा-अर्चना करेंगे, मोदक-लड्डुओं का भोग लगाएंगे. विघ्नहर्ता
नई दिल्ली. वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में घर-दफ्तर से जुड़े काम-काज और उन्हें करने के तरीके-समय के बारे में भी बताया गया है. ताकि सही समय पर किया गया काम अच्छे नतीजे दे. उससे जिंदगी में सुख-समृद्धि बढ़े. ऐसा ही रोजाना किया जाने वाला बेहद जरूरी काम है घर की साफ-सफाई (House Cleaning) करना. धर्म-ज्योतिष के
नई दिल्ली. हिंदू धर्म में तीज (Hartalika Teej 2021) का काफी महत्व है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और संतान प्राप्ति होती है. इस दिन मनाई जाएगी हरतालिका तीज हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल में कुल तीन तीज आती हैं. भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष
नई दिल्ली. भगवान गणेश को देवों में सबसे पहला दर्जा दिया गया है. हर माह की चतुर्थी को भगवान गणेश को समर्पित हैं, लेकिन भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2021) को बेहद खास माना जाता है. इस दिन हुआ था गणपति का जन्म मान्यता है कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की
नई दिल्ली. भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) मनाई जाती है. इस दिन गणेश स्थापना (Ganesh Sthapana 2021) होती है और भगवान 10 दिनों तक अपने भक्तों के साथ रहते हैं. इस दौरान भक्त अपने भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई काम करते हैं. नए कपड़े पहनते हैं,
नई दिल्ली. 20 सितंबर से हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (Pitru Paksha) शुरू होने जा रहे हैं. अपने पूर्वजों (Ancestors) को याद करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए इस दौरान पिंडदान (Pind Daan), श्राद्ध (Shradh) किया जाता है. ताकि उनकी कृपा बनी रहे और उनके आशीर्वाद से जिंदगी में सफलता, सुख-समृद्धि मिले. धर्म-पुराणों
नई दिल्ली. हिंदू धर्म में हर अमावस्या और अश्विन माह में आने वाले पितृ पक्ष (Pitru Paksha) में पितरों की शांति के लिए पिंड दान या श्राद्ध (Shardh) किया जाता है. इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. इस साल 20 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो रहा है. अश्विन माह के पूरे कृष्ण पक्ष
नई दिल्ली. चाणक्य नीति (Chanakya Niti) न केवल जिंदगी जीने का सही तरीका बताती है, बल्कि अमीर बनने के तरीके भी बताती है. आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) अर्थशास्त्र के भी ज्ञाता था. उन्होंने जिंदगी में रुपया-पैसा (Money) पाने के भी कई तरीके बताए हैं. इन तरीकों को अपनाने से व्यक्ति पर हमेशा धन की देवी
नई दिल्ली. कहते हैं कि प्यार (Love) दुनिया की सबसे मजबूत भावना है. सच्चा प्यार पत्थर दिल को भी पिघला देता है. वहीं समय-समय पर अपने लाइफ पार्टनर (Life Partner) को प्यार का अहसास दिलाते रहना अच्छी मैरिड लाइफ पाने का सबसे बड़ा सीक्रेट है. हालांकि प्यार जताना सबके लिए आसान नहीं होता है. कुछ
नई दिल्ली. सनातन धर्म में लगभग सभी देवी-देवताओं (God-Goddess) को नारियल अर्पित किया जाता है. यूं कहें कि कोई भी पूजा और मांगलिक कार्य बिना नारियल (Nariyal) के पूरा ही नहीं होता है इसलिए इसे श्रीफल (Shrifal) कहा गया है. धर्म-पुराणों के मुताबिक नारियल को सबसे पवित्र फल माना गया है क्योंकि इसमें ब्रह्मा, विष्णु और
नई दिल्ली. घर खरीदते समय या बनवाते समय लोग कमरों-किचन आदि की दिशा का ध्यान रखते हैं. गृह प्रवेश (Grah Pravesh) के समय वास्तु पूजा (Vastu Puja) करवाते हैं, घर के अंदर रखी चीजों को भी सही जगह पर रखने के नियमों का पालन करते हैं. हालांकि इन सभी बातों के बीच वे यह जानने
नई दिल्ली. मृत्यु (Death) ही अंतिम सच है. इससे लोगों को जितना डर लगता है, उतनी ही इसके बारे में जानने की उत्सुकता भी रहती है. हिंदू धर्म के पुराणों में गरुड़ पुराण (Garuda Purana) को बहुत अहम माना गया है. यह पुराण जीने के साथ-साथ मरने और उसके बाद की यात्रा के बारे में
नई दिल्ली. भारत (India) में गणपति उत्सव (Ganpati Utsav) बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. घर-घर में गणपति विराजने के साथ-साथ सार्वजनिक जगहों पर भी गणपति की स्थापना (Ganpati Sthapana) की जाती है. इस साल भाद्रपद महीने के शुक्ल की चतुर्थी 10 सितंबर 2021 को है. इसी दिन गणपति बप्पा विराजेंगे और 19 सितंबर को
नई दिल्ली. परेशानियों से निजात पाने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं, इनमें रत्न (Gemstone) पहनना प्रमुख उपायों में से एक है. रत्न जिंदगी पर अहम असर डालते हैं और आर्थिक स्थिति, रिश्ते, सेहत, तरक्की आदि में प्रभावी नतीजे देते हैं. नीलम, पुखराज, पन्ना, हीरे के बारे में ज्यादातर लोग जानते हैं लेकिन
नई दिल्ली. हाल ही में भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी मनाया गया है. इसके ठीक 15 दिन बाद भाद्रपद महीने के ही शुक्ल पक्ष की अष्टमी को राधा जी का जन्म हुआ था. इस अष्टमी को राधा अष्टमी (Radha Ashtami) कहते हैं. इस साल 14 सितंबर, मंगलवार के
नई दिल्ली. हस्तरेखा ज्योतिषशास्त्र (Palmistry Astrology) के मुताबिक हथेली पर बनी लकीरें और निशान देखकर किसी भी इंसान की के स्वभाव (Nature) और भविष्य (Future) के बारे में जाना जा सकता है. हथेली पर कई तरह की लकीरें बनी हुई होती हैं. जिन्हें मुख्य रूप से भाग्यरेखा, ह्रदय रेखा, मस्तिष्क रेखा, विवाह रेखा और जीवन रेखा
नई दिल्ली. वैसे तो हर दिन भगवान की पूजा अर्चना करने के लिए होता है. भगवान अपने भक्तों की भक्ति से ही खुश होते हैं, फिर भी भगवान की विशेष आराधना के लिए कुछ दिनों का विशेष माना जाता है. इसमें से गुरुवार के दिन का खास महत्व है. मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन भगवान