मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी किसान की उम्मीद की किरण

 

शिकायत के दूसरे ही दिन मिला खाद, किसान ने कहा अब सुनी जाती है हमारी बात

बिलासपुर. कभी-कभी एक छोटी सी पहल किसी व्यक्ति की बड़ी समस्या का समाधान बन जाती है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना ने ग्राम घुटकू के किसान परिवार के लिए ऐसा ही भरोसा जगाया है। समय पर खाद नहीं मिलने से परेशान किसान की समस्या का समाधान महज एक दिन में हुआ और उसके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई।
ग्राम घुटकू निवासी नरेंद्र कौशिक अपने चाचा दिलीप कौशिक के साथ कई दिनों से घुटकू सेवा सहकारी समिति के चक्कर लगा रहे थे। दिलीप कौशिक एक छोटे किसान हैं और खरीफ सीजन की तैयारी के लिए उन्हें यूरिया खाद की आवश्यकता थी। लेकिन हर बार सोसायटी पहुंचने पर उन्हें आज नहीं, कल आना कहकर लौटा दिया जाता था। लगातार चक्कर लगाने से समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही थी। खेत की तैयारी प्रभावित हो रही थी और परिवार चिंता में था। इसी दौरान प्रदेश में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा (1076) शुरू हुई। योजना के प्रति जागरूक नरेंद्र कौशिक ने 10 जून को खाद नहीं मिलने की शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत दर्ज होते ही प्रशासन और कृषि विभाग सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और अगले ही दिन दिलीप कौशिक को सोसायटी से 6 बोरी यूरिया खाद उपलब्ध करा दी गई।
समस्या का त्वरित समाधान होने से किसान परिवार बेहद खुश है। नरेंद्र कौशिक बताते हैं कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी शिकायत पर इतनी जल्दी कार्रवाई होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम लोगों की समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी पूरे मामले में सक्रिय सहयोग प्रदान किया और यह सुनिश्चित किया कि किसान को समय पर आवश्यक खाद मिल सके। इस बीच कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्वयं किसान नरेंद्र कौशिक से दूरभाष पर चर्चा कर उनकी समस्या के समाधान की जानकारी ली। उन्होंने नरेंद्र की सराहना करते हुए कहा कि हेल्पलाइन में अपनी बात रखना एक जागरूक नागरिक होने का परिचायक है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक है जब आम नागरिक अपनी समस्याओं को सामने रखें और प्रशासन उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि किसानों और आम नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना की यह कहानी दर्शाती है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और नागरिक जागरूक हों, तब समस्याओं का समाधान तेजी से संभव है। यह पहल न केवल शिकायतों के निराकरण का माध्यम बन रही है, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास की नई डोर भी मजबूत कर रही है।

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