बिरहोर विकास प्रकोष्ठ की पहली बैठक, हर परिवार तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : कलेक्टर

बिरहोर समुदाय की जरूरत और रुचि के अनुरूप बनेगी विकास की कार्ययोजना

बिलासपुर. विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) बिरहोर समुदाय के परिवारों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गठित बिरहोर विकास प्रकोष्ठ की पहली बैठक आज मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर शसंजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सहित सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले के मस्तूरी और कोटा विकासखंड के छह ग्रामों में बिरहोर समुदाय की लगभग साढ़े चार सौ आबादी निवासरत है।

कलेक्टर ने बैठक में परिवारों के राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वन अधिकार पट्टा सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कोटा जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि प्रत्येक बिरहोर परिवार की परिवारवार जांच कर यह सुनिश्चित करें कि पात्र परिवार किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलने की स्थिति की भी जानकारी लेने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए स्कूल एवं आंगनबाड़ी नहीं जाने वाले बच्चों की जानकारी लेकर उन्हें नियमित रूप से शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्कूल जाना और पढ़ना-लिखना सबसे जरूरी है। बिरहोर समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी आवश्यकताओं और रोजगार की रुचि के बारे में भी जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा कि झाड़ू-टोकरी एवं अन्य बांस उत्पाद निर्माण, खेती-बाड़ी, सब्जी-भाजी उत्पादन तथा मछली पालन जैसे रोजगार के विकल्पों पर समुदाय की रुचि के अनुसार कार्ययोजना बनाई जाए। मछली पालन के इच्छुक परिवारों के लिए डबरी निर्माण की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उद्यान विभाग को मुनगा एवं हल्दी की पौध उपलब्ध कराने तथा समूह के माध्यम से सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। समुदाय की ओर से सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।

बैठक में बिरहोर बस्तियों में पेयजल की समस्या भी सामने आई। पाइपलाइन में खराबी के कारण घरों तक पानी नहीं पहुंचने की जानकारी पर कलेक्टर ने व्यवस्था दुरुस्त कर सभी परिवारों को नल से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एक गांव का चयन कर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को संयुक्त रूप से वहां जाकर परिवारों की समस्याओं और जरूरतों का आकलन करने को कहा। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि बिरहोर समुदाय के विकास के लिए पहले यह समझना जरूरी है कि परिवार वास्तव में क्या करना चाहते हैं। उनकी रुचि और जरूरत के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराकर वर्तमान स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन समन्वित प्रयास करेगा।

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