चाकू कांड के बाद एनटीपीसी सीपत में हजारों मजदूरों का प्रदर्शन
बिलासपुर। एनटीपीसी सीपत में स्टेज-3 प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है। यहां उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से हजारों मजदूर काम करने पहुंचे हैं। ग्राम जांजी स्थित स्टेज-3 मेन गेट के बाहर मजदूरों के साथ कथित मारपीट और लूटपाट की घटनाओं ने अब सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में एक ठेका श्रमिक पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के बाद मजदूरों में दहशत का माहौल है। इसी के विरोध में सोमवार को हजारों मजदूरों ने स्टेज-3 गेट पर करीब एक घंटे तक धरना देकर जमकर नारेबाजी की। मजदूरों का आरोप है कि काम खत्म होने के बाद जांजी गेट से लेबर कॉलोनी की ओर जाते समय आसपास के असामाजिक तत्व उन्हें घेर लेते हैं और मारपीट के साथ लूटपाट करते हैं। मजदूरों का कहना है कि वे लगातार एनटीपीसी प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसी बीच 11 सितंबर को एनटीपीसी की अनुबंधित कंपनी में कार्यरत ठेका श्रमिक असहद अली पर धारदार हथियार से हमला किया गया। पुलिस के अनुसार, असहद अली काम खत्म कर सब्जी लेकर जांजी स्थित लेबर कॉलोनी लौट रहे थे। नहर रोड के पास चार युवकों ने उनका रास्ता रोककर शराब पीने के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। प्रोजेक्ट मैनेजर अखिलेश यादव की शिकायत पर सीपत पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक ग्राम जांजी निवासी 18 वर्षीय समीर सारथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उसने तीन अन्य साथियों के साथ वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल धारदार हथियार जब्त कर लिया। मामले में एक बालिग आरोपी और दो अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। घायल मजदूर का उपचार बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में जारी बताया जा रहा है।
पानी-बिजली और सफाई की भी मांग….
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने कहा कि स्टेज-3 प्रोजेक्ट में अलग-अलग कंपनियों के हजारों श्रमिक काम कर रहे हैं। ऐसे में किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में तत्काल उपचार के लिए गेट और लेबर कॉलोनी के आसपास फर्स्ट एड की सुविधा जरूरी है। मजदूरों ने मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इसके अलावा मजदूरों ने लेबर कॉलोनी की व्यवस्थाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि कॉलोनी में गंदगी और मच्छरों की समस्या बनी हुई है। पानी और बिजली की समस्या से भी उन्हें परेशानी हो रही है। मजदूरों का कहना है कि बाहर से आकर वे यहां काम कर रहे हैं, ऐसे में रहने और सुरक्षा की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रबंधन और संबंधित कंपनियों की जिम्मेदारी है।
4 सुरक्षा गार्ड तैनात करने का आश्वासन.
सोमवार सुबह करीब 9 बजे बड़ी संख्या में मजदूर स्टेज-3 गेट पर एकत्र हुए और एनटीपीसी प्रबंधन व संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही एनटीपीसी सीपत के प्रोजेक्ट एजीएम एच.आर. चौधरी मौके पर पहुंचे और मजदूरों से बातचीत की। अधिकारी ने मजदूरों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन देते हुए लेबर कॉलोनी क्षेत्र में चार सिक्योरिटी गार्ड तैनात करने की बात कही। साथ ही पानी, बिजली और सफाई की समस्याओं को जल्द दूर करने तथा मेडिकल सुविधा के लिए आसपास फर्स्ट एड की व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया गया। आश्वासन के बाद मजदूरों ने धरना समाप्त कर दिया। मजदूरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 10 दिनों के भीतर यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।


