बहनों ने बांधी स्नेह की डोर, ‘विष्णु भैया’ ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा
बहनों के स्नेह से सजी ‘विष्णु भैया’ की कलाई, सुरक्षा-सम्मान का लिया संकल्प
बहनों के ‘विष्णु भैया’ बने मुख्यमंत्री साय, राखी के साथ मिला स्नेह और विश्वास
नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में राष्ट्ररक्षा के संकल्प और भाई-बहन के स्नेह का हुआ भावपूर्ण संगम
शहीद उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी, भावुक हुए मुख्यमंत्री श्री साय
शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार : उनके सम्मान और हर सुख-दुःख में साथ खड़ी है सरकार – मुख्यमंत्री
सुरक्षा बलों के लगभग 800 जवानों को स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला समूहों की दीदियों ने बांधी राखी
रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में मिलेंगे 631 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने रायपुर जिले के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का किया शुभारंभ
रायपुर.रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राजधानी रायपुर में आज भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर जब स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने रक्षा सूत्र बांधे तो पूरा वातावरण आत्मीयता, सम्मान और कृतज्ञता के भाव से भर उठा।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर भावुक हो उठे। उन्होंने शहीद श्री वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शहीद जवानों के परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का बंधन नहीं, बल्कि एक शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। हमारे वीर जवानों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता। शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहने का यह रिश्ता सदैव अटूट रहेगा।


