आदिवासी महिला की मलेरिया से मौत, अब तक 40 मरीज मिले

 

स्वास्थ्य विभाग की टीमें 10 दिनों से जंगल में लगा रही शिविर
बिलासपुर। जिले में मलेरिया की चपेट में आने से लोगों की मौत की संख्या बढ़ती जा रही है। अब कोटा क्षेत्र के एक आदिवासी महिला की इलाज के दौरान मौत होने की पुष्टि हुई है। महिला को मलेरिया संक्रमण थी। जिले में अब तक 40 मरीज मिल चुके हैं। वर्तमान में 18 मरीजों का इलाज चल रहा है।
कोटा विकासखंड के औरापानी गांव की रहने वाली रेखा बैगा (37) की तबीयत बिगडऩे पर उन्हें पहले गनियार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें सिम्स रेफर किया गया। गुरुवार शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने महिला की मौत मलेरिया से होने की पुष्टि की है। गुरुवार को ही लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में भी एक नया मलेरिया मरीज मिला। कोटा ब्लॉक में संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा सीपत क्षेत्र के ग्राम अदराली निवासी 17 साल के दिनेश ओडे (भगत) की मौत को लेकर भी मलेरिया की आशंका जताई जा रही है। दिनेश एक सप्ताह से तेज बुखार से पीडि़त था। पहले उसका इलाज सीपत के एक निजी अस्पताल में कराया गया, लेकिन हालत बिगडऩे पर उसे सिम्स रेफर किया गया। 29 जुलाई को सिम्स ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। दिनेश के नाना रामनाथ मरावी का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई थी। हालांकि, सिम्स प्रबंधन का कहना है कि छात्र को अस्पताल ब्रॉट डेड अवस्था में लाया गया था।

कोटा क्षेत्र के 72 गांव संवेदनशील
कोटा ब्लॉक के 72 गांव मलेरिया प्रभावित श्रेणी में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें पिछले 10 दिनों से जंगल और दूरस्थ गांवों में शिविर लगाकर जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चला रही हैं।बता दें कि पिछले साल भी बहरीझिरिया, कारीमाटी समेत कोटा क्षेत्र के कई गांवों में मलेरिया से पांच लोगों की मौत हुई थी।

 

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