वोटर लिस्ट से नाम कटने का मतलब नागरिकता छिनना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

 

 

नई दिल्ली.  सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार  को चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के लिए चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के संवैधानिक लक्ष्य को आगे बढाती है।

देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एसआईआर की यह कवायद पूरी तरह से जायज है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की सटीकता, पूर्णता और अखंडता को बहाल करना है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है। कोर्ट ने कहा कि यह कदम जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 21(3) और 1960 के नियमों के खिलाफ नहीं है। इसके बजाय यह संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को मिली शक्तियों के दायरे में आता है।

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