डीआईजी व एसएसपी ने स्कूल प्रबंधन एवं प्राचार्य को सड़क सुरक्षा के सभी आयामों पर दिए आवश्यक निर्देश व सुझाव

बिलासपुर. पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में नियमित रूप से विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों को यातायात नियमों तथा सुरक्षा मापदंडों एवं मानकों के समुचित पालन हेतु प्रेरित किया जा रहा है साथ ही साथ जिले के विभिन्न शासकीय, अर्ध शासकीय एवं निजी इकाइयों को सड़क सुरक्षा के संबंध में आवश्यक संवाद करके सड़क सुरक्षा संबंधी सभी आयामों पर सक्रियता से कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण के सम्बन्ध मे विभिन्न बैठक एवं कार्यशाला आयोजित करके सड़क दुर्घटनाओं पर व्यापक जनचर्चा की जा रही है।
इसी कड़ी में आज जिले के सभी प्रकार के विद्यालयों के प्राचार्य एवं स्कूल प्रबंधकों की बैठक आयोजित की गई जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय के 18 बिंदु के गाइडलाइन के प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन एवं पालन सुनिश्चित किए जाने हेतु समस्त प्राचार्य एवं स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित की गई तथा स्कूली बच्चों के स्कूल आवागमन एवं परिवहन के संबंध में उक्त सभी बिंदुओं का शब्दशः पालन किए जाने हेतु उन्हें सख्त हिदायत एवं निर्देश दिया गया।
साथ ही स्कूल के आसपास बच्चों के द्वारा किसी भी प्रकार के असामाजिक एवं गैर वाजिब कृतियों पर निगरानी रखने तथा नियंत्रण बनाए रखने हेतु समझाइस दी गई एवं समस्त सुरक्षा सावधानियां के संबंध में सजग एवं सक्रिय होकर नाबालिक बच्चों के स्कूल आवागमन तथा स्कूल प्रांगण में उनके गतिविधियों पर सदैव पैनी नजर रखने हेतु उन्हें समझाइस दी गई।
सभी स्कूलों को यह निर्देशित किया गया कि बच्चों के द्वारा अनधिकृत रूप से किसी भी प्रकार के डिजिटल उपकरणों और मोबाइल का अनाधिकृत व नकारात्मक उपयोग न की जावे तथा इसके माध्यम से बच्चों को किसी भी प्रकार के असामाजिक गतिविधियों में संलिप्तता ना हो यह सभी सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान समस्त स्कूल प्रबंधकों एवं प्राचार्य को यह भी निर्देशित की गई कि सभी स्कूल में नाबालिक बच्चों एवं अभिभावकों हेतु एक संदेश पटल लगाई जाए जिसमें सड़क दुर्घटना के कारण एवं उसके परिणाम तथा माननीय न्यायालय द्वारा दंड व जुर्माना राशि का उल्लेख की जाए ताकि प्रत्येक माता-पिता, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं किसी भी प्रकार के सुरक्षा मानकों व मापदंडों का उल्लंघन करने से पहले उक्त संदेशों पर ध्यान रखें।
इस दौरान समस्त स्कूल प्रबंधकों को यह भी संदेश दी गई कि स्कूल के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के असामाजिक गतिविधियां न हो इस हेतु कोटपा एक्ट के तहत उन्हें प्राप्त सुनिश्चित अधिकारों का उपयोग करते हुए ऐसे ठेला, घूमटी आदि जिनके द्वारा नशीले पदार्थ व निषेधक धूम्रपान पदार्थ के विक्रय पर प्रतिबंध लगाए।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का विशेष बिंदु यह भी रहा कि इस दौरान यातायात पुलिस बिलासपुर के द्वारा बनाई गई यातायात दिग्दर्शिका पुस्तक का डीआईजी वी एसएसपी श्री रजनेश सिंह द्वारा विमोचन किया गया। इस पुस्तक के माध्यम से समस्त स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को यातायात की पाठशाला के तहत विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को तथा अभिभावकों को पैरेंट मीटिंग के दौरान अनिवार्य रूप से सड़क सुरक्षा के मानकों एवं मापदंडों तथा उसे संबंधित प्रमुख नियमों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाए ताकि बच्चों के अवचेतन मन में सड़क दुर्घटना से बचाव एवं उसके सुरक्षा संबंधी समस्त सावधानियां उनके सहज आदत में शुमार हो जाए।
उक्त कार्यक्रम में जिले के समस्त विद्यालय के प्राचार्य गण उपस्थित हुए साथ ही साथ स्कूल के प्रबंधन प्रमुख ही उपस्थित रहे जिन्हें विस्तार पूर्वक सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक संवाद की गई तथा स्कूल के प्रचार एवं प्रबंधकों से फीडबैक लेते हुए उनके द्वारा चाही गयी जानकारी व जिज्ञासा व प्रश्नों का समाधान कारक जवाब भी प्रदान की गई ताकि किसी भी प्रकार की इस संबंध में शंका एवं दुविधा की स्थिति ना रहे।
इस विशेष प्रशिक्षण में उपस्थित समस्त प्राचार्य को यह भी निर्देशित किया गया कि सभी स्कूलों में निर्धारित मास्टर ट्रेनर को अनिवार्य रूप से बिना किसी अवकाश के नियत तिथि को यातायात की पाठशाला की क्लास अवश्य ली जाए और संभव हो तो क्षेत्रीय थाना या यातायात के बल को लेकर उनके द्वारा भी प्रशिक्षण सुनिश्चित की जाए ताकि प्रत्येक स्कूल कॉलेज में छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा से संबंधित समस्त बातों की जानकारी प्राप्त हो सके।
इस एक दिवसीय कार्यशाला के द्वारा समाज में यह संदेश भी प्रसारित की गई की राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के द्वारा विद्यालयीन बच्चों को विषय आधारित शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं राष्ट्र व देश प्रेम से संबंधित शिक्षाओं से भी शिक्षित की जाए ताकि बच्चों को बचपन से ही राष्ट्रीय नैतिक मूल्यों के प्रति गहरी समझ व नैतिक आचरण की स्वीकारोक्ति स्वमेव प्राप्त हो जाए हो सके।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, एएसपी शहर पंकज पटेल सीएसपी कोतवाली गगन कुमार, सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह, डीएसपी शिव चरण परिहार, आर आई भूपेंद्र गुप्ता व जिले के समस्त स्कूलों से आए हुए स्कूल प्रबंधक एवं प्राचार्यगण 350 से अधिक संख्या में उपस्थित थे

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