शिव पूजन से मिलती आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति: आचार्य
श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में रोजाना होगी महाआरती
बिलासपुर. सुभाष चौक, सरकंडा स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में सावन महोत्सव (चतुर्थ वर्ष) व श्री महारुद्राभिषेकात्मक महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। यह दिव्य आयोजन 30 जुलाई (श्रावण कृष्ण प्रतिपदा) से 28 अगस्त (श्रावण शुक्ल पूर्णिमा) तक आयोजित होगा। श्री पीतांबरा हवनात्मक महायज्ञ का शुभारंभ 13 जुलाई से हो चुका है, जो प्रतिदिन वैदिक विधि-विधान के साथ निरंतर सम्पन्न हो रहा है।
सावन महोत्सव के दौरान यह महायज्ञ महारुद्राभिषेक व अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ नियमित रूप से जारी रहेगा। प्रतिदिन 9 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का नमक-चमक वैदिक मंत्रों के साथ महारुद्राभिषेक सम्पन्न होगा। दोपहर 1.30 बजे महाआरती आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार प्रतिदिन रात 8 बजे से मध्यरात्रि 12.30 बजे तक श्री पीतांबरा हवनात्मक महायज्ञ किया जा रहा, जिसके पश्चात रात्रि महाआरती की जाती हैं।
पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश महाराज ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सर्वश्रेष्ठ काल माना गया है। इस पवित्र मास में श्रद्धा एवं विधि-विधान से भगवान शिव का रुद्राभिषेक, जप, तप एवं यज्ञ करने से समस्त प्रकार के कष्टों का निवारण होता है तथा साधक को आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति और शिवकृपा की प्राप्ति होती है। श्रावण मास में नमक-चमक वैदिक मंत्रों के साथ सम्पन्न होने वाला महारुद्राभिषेक रोग, शोक, मानसिक तनाव व नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव को दूर कर जीवन में सुख, शांति व समृद्धि प्रदान करता है।


