झूमकर कवियों ने किया कंठस्थ कविता का पाठ
बिलासपुर. शनिवार की शाम भारतेंदु साहित्य समिति के तत्वावधान में विशेष अभियान के अंतर्गत कंठस्थ कविता पाठ की द्वितीय गोष्ठी का आयोजन किया गया।इसमें कवियों ने आनन्द से झूमकर काव्य पाठ किया।
साईं आनंदम में आयोजित इस गोष्ठी की अध्यक्षता शहर के जाने-माने विद्वान रमेशचंद्र सोनी ने की।इस आयोजन की जानकारी देते हुए वरिष्ठ कवि ओमप्रकाश भट्ट ने बताया कि कवियों में आत्म विश्वास का विकास करने तथा उन्हें मंचीय प्रस्तुति के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कंठस्थ इस तरह के काव्य-पाठ का अभियान प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने बताया कि साहित्य का स्तर और ऊँचा उठाने के उद्देश्य से समिति का समीक्षा अभियान भी निरंतर जारी है।
वरिष्ठ कवि विजय तिवारी ने सभी आगंतुक साहित्यकारों का स्वागत किया तथा विशेष रूप से तखत पुर से आए साहित्यकारों का अभिनंदन किया। इस कार्यक्रम का सफल संचालन कवि मयंक मणि दुबे ने किया।
गोष्ठी की विशेषता यह रही कि कवियों एवं रचनाकारों ने बिना डायरी अथवा लिखित सामग्री के आत्मविश्वास के साथ अपनी रचनाओं का पाठ किया। इस अभिनव प्रयोग का श्रोताओं पर विशेष प्रभाव पड़ा और काव्य-पाठ के दौरान कवियों को खूब वाह-वाही मिलीं।
कार्यक्रम में देवी भजन, गणेश वंदना,वियोग-श्रृंगार, हास्य-व्यंग्य सहित विभिन्न भाव एवं रसों की रचनाएँ प्रस्तुत की गईं।कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।गोष्ठी में 17 कवियों एवं 3 कवयित्रियों ने सहभागिता की।
काव्य-पाठ करने वालों में सर्वश्री विजय तिवारी,अमृतलाल पाठक,ओमप्रकाश भट्ट,मयंक मणि दुबे,बुधराम यादव,गजानन पात्रे,अरविंद शर्मा,राकेश पांडे, हूपसिंह क्षत्रिय,दिनेश दुबे, विनय पाठक,राकेश खरे एवं एन.के. शुक्ला,मनीषा भट्ट,पूर्णिमा तिवारी,आशा चंद्राकर सहित अन्य रचनाकार शामिल रहे।राजकुमार शर्मा एवं विजय गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने कवियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष रमेश चंद्र सोनी ने प्रस्तुत रचनाओं की संक्षिप्त समीक्षा करते हुए कवियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।आगामी कंठस्थ काव्य गोष्ठी अक्टूबर माह के तीसरे रविवार को आयोजित की जाएगी।अंत में आभार राकेश पाण्डेय,,अयोध्या,, ने व्यक्त किया।


