उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद के ‘बिना प्याज-लहसुन की मछली शाकाहारी’ बयान पर सोनू त्यागी और गो स्पिरिचुअल की दो टूक प्रतिक्रिया
मुंबई / लखनऊ: अवार्ड-विनिंग लेखक, निर्देशक और निर्माता तथा गो स्पिरिचुअल और एप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप के संस्थापक सोनू त्यागी ने उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद के उस हालिया बयान पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिना प्याज और लहसुन के पकाई गई मछली को शाकाहारी माना जा सकता है।
गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान संजय निषाद ने कहा था कि इस तरह की उनकी पहले की बातों का धार्मिक नेताओं ने विरोध नहीं किया था, इसलिए उनकी बात सही है। उन्होंने मछली के प्रतीक को निषाद समुदाय की पहचान और उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़े प्रतीकों से भी जोड़ा।
गो स्पिरिचुअल ने अपने प्रमुख ‘गो वेज’ अभियान के माध्यम से इस विचार को स्पष्ट रूप से खारिज किया है कि खाना पकाने के तरीके के आधार पर मांस या मछली को शाकाहारी कहा जा सकता है। संगठन का मानना है कि शाकाहार केवल खाने की सामग्री या मसालों का विषय नहीं है, बल्कि यह जीवों के प्रति दया, करुणा और सम्मान की भावना से जुड़ा है।
सोनू त्यागी ने कहा: “आध्यात्मिकता सिर्फ पूजा या धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है। आध्यात्मिकता का अर्थ है कि हमारे कर्म हमारी दया, करुणा और सभी जीवों के प्रति सम्मान की भावना से जुड़े हों। पौधों पर आधारित और हिंसा से मुक्त भोजन इस सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब हम जानवरों के प्रति हिंसा को रोकते हैं, तो हम अपने मन को भी अधिक शांत और सकारात्मक बना सकते हैं और अपनी आध्यात्मिक यात्रा को आगे बढ़ा सकते हैं।”
त्यागी ने आगे कहा: “हमारी आध्यात्मिक और भारतीय परंपराएं हमें सभी जीवों के प्रति दया और सम्मान का संदेश देती हैं। जानवर भी जीवित प्राणी हैं और उनके जीवन का भी अपना महत्व है। शाकाहारी भोजन कम से कम नुकसान पहुंचाने और सभी जीवन के प्रति दया रखने की भावना को दर्शाता है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि वे हमें प्रकृति और सभी जीवों के साथ प्रेम और सम्मान से रहने की सीख देती हैं।”
उन्होंने कहा कि ‘गो वेज’ अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों के बीच दया, अहिंसा और सभी जीवों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है।
सोनू त्यागी एक पुरस्कार प्राप्त लेखक, निर्देशक और निर्माता हैं और भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र में दो दशकों से अधिक समय से सक्रिय हैं। उन्होंने मनोविज्ञान में शिक्षा प्राप्त की है तथा विज्ञापन प्रबंधन, पत्रकारिता और फिल्म निर्माण में भी उच्च अध्ययन किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और मीडिया संस्थानों के साथ की और 24 वर्ष की उम्र में अपना उद्यम शुरू किया।
आज वह एप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप का नेतृत्व करते हैं, जो फिल्म निर्माण, सेलिब्रिटी प्रबंधन, विज्ञापन एवं कॉरपोरेट फिल्म निर्माण, फिल्म मार्केटिंग, कार्यक्रम और मनोरंजन मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में काम करता है। ग्रुप के अंतर्गत एप्रोच कम्युनिकेशंस, जो जनसंपर्क, डिजिटल और एकीकृत संचार एजेंसी है, तथा एप्रोच बॉलीवुड, जो बॉलीवुड और मनोरंजन समाचारों के लिए समाचार-वायर और ऐप है, भी शामिल हैं।
सोनू त्यागी ने 40 से अधिक बॉलीवुड फिल्मों में निर्माण, मार्केटिंग, लेखन और रचनात्मक परामर्श के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया है। उन्होंने आध्यात्मिक वेब सीरीज ‘टू ग्रेट मास्टर्स’ को सह-निर्मित और रचनात्मक रूप से तैयार किया, जो स्वामी विवेकानंद और परमहंस योगानंद की शिक्षाओं पर आधारित है। वह आगामी वैश्विक फिल्म ‘लिबरेशन’ के सह-निर्माता भी हैं और राजपाल यादव, ब्रजेंद्र काला, हेमंत पांडे और सारा खान अभिनीत व्यंग्यात्मक हिंदी कॉमेडी ‘कैंप डीसेंट’ में रचनात्मक निर्माता के रूप में जुड़े हैं।
उनके कार्यों के लिए उन्हें युवा रत्न पुरस्कार, बिज़ इंडिया 2010 पुरस्कार, सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार, जनसंपर्क एजेंसी ऑफ द ईयर पुरस्कार सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें सातवें विश्व मानसिक स्वास्थ्य कांग्रेस एवं पुरस्कार समारोह में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र के शीर्ष प्रमुख नेताओं में भी शामिल किया गया।
गो स्पिरिचुअल, जिसकी स्थापना सोनू त्यागी ने की है, एक आध्यात्मिक और सामाजिक पहल है। यह आध्यात्मिक जागरूकता, परोपकार, मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण, आयुर्वेद, मीडिया, आध्यात्मिक पर्यटन, जैविक जीवनशैली और सामाजिक कार्यों से जुड़े विभिन्न प्रयासों पर काम करता है।
गो स्पिरिचुअल, एप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप की एक पहल है और इसके अंतर्गत गो स्पिरिचुअल न्यूज़ मैगज़ीन एवं ऐप जैसे मंच भी संचालित किए जाते हैं।

