बाल मजदूरी के लिए ले जा रहे नाबालिग को ओपन शेल्टर होम में मिला आश्रय
समर्पित, जीआरपी, आरपीएफ और चाइल्डलाइन की संयुक्त कार्रवाई
बिलासपुर. बच्चों को बाल मजदूरी से बचाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के तहत बिलासपुर में एक नाबालिग बालक को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। बालक को पश्चिम बंगाल से गुजरात ले जाकर बेकरी में मजदूरी कराने की सूचना मिलने पर संबंधित टीमों ने तत्काल कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन कार्यक्रम के अंतर्गत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन से संबद्ध समर्पित बिलासपुर की टीम को ई-मेल के माध्यम से सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 12950 कवि गुरु एक्सप्रेस से एक नाबालिग को राजकोट, गुजरात ले जाया जा रहा है। आशंका थी कि वहां उससे बेकरी में मजदूरी कराई जाएगी। सूचना मिलते ही समर्पित बिलासपुर की टीम ने जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे चाइल्डलाइन के साथ समन्वय कर ट्रेन में जांच की। संयुक्त कार्रवाई के दौरान नाबालिग बालक को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बालक पश्चिम बंगाल के वर्धमान का निवासी है।
परिजनों से किया जा रहा संपर्क
रेस्क्यू के बाद बालक की काउंसलिंग की गई। उसके परिवार की पहचान करने और परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद संरक्षण और देखभाल के लिए समर्पित ओपन शेल्टर होम में आश्रय दिलाया गया है। यहां उसकी काउंसलिंग के साथ आवश्यक देखभाल की जाएगी, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण और उचित संरक्षण मिल सके।


