खराब मौसम की आशंका, बिलासपुर में आज सभी स्कूल रहेंगे बंद

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से भारी बारिश की संभावना
बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का फैसला
बिलासपुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से जिले में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 29 अक्टूबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। बच्चों की सुरक्षा और प्रतिकूल मौसम में आवागमन की संभावित परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। इसके तहत गुरुवार, 29 अक्टूबर को जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालय बंद रहेंगे। आदेश प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों पर लागू होगा। प्रशासन ने यह कदम मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर एहतियात के तौर पर उठाया है। चक्रवाती तूफान के असर से अतिवृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे स्कूली बच्चों को घर से स्कूल आने-जाने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

 

बाढ़ में जान बचाएंगे जल मित्र, 57 लोगों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
०. मोटर बोट चलाने से लेकर डूबते लोगों को निकालने तक का अभ्यास
बाढ़ और जलभराव जैसी आपदाओं के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित बचाव दल तैयार कर रहा है। इसके तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित 57 कोटवारों, मछुआरों, गोताखोरों और कुशल तैराकों को जल मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में तत्काल बचाव कार्य शुरू कर प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना है।
परसदा स्थित अग्निशमन, आपातकालीन सेवाएं एवं एसडीआरएफ प्रशिक्षण केंद्र में 26 से 30 अक्टूबर तक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रतिभागियों को बाढ़ के दौरान बचाव के व्यावहारिक तरीके सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, तैराकी की विभिन्न तकनीकों और मोटर बोट चलाने का अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वॉय और अन्य बचाव उपकरणों के सही इस्तेमाल की जानकारी भी दी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर मिलेगी तत्काल मदद
प्रशिक्षित जल मित्र बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देने से आपदा के समय बाहरी बचाव दलों के पहुंचने से पहले भी शुरुआती सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। प्रशासन की इस पहल से जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था मजबूत होने और संभावित जनहानि को कम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

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