तूफान की आशंका पर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने कहा—हर परिस्थिति से निपटने की तैयारी रखें
28–29 अक्टूबर को तेज हवाओं की संभावना; चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम, अस्पताल और राहत-बचाव दल भी अलर्ट
प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल तय करने के निर्देश
बिलासपुर. आगामी 28 एवं 29 अक्टूबर को संभावित तूफान के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक में मौसम पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए सभी विभागों को राहत एवं बचाव के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। बैठक में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए विभागीय तैयारियों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने जिला एवं तहसील स्तर के कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रत्येक सूचना को पंजी में दर्ज कर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाए। सभी नगरीय निकाय जेसीबी और आवश्यक संसाधन तैयार रखें। जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठहराने के लिए आश्रय स्थलों का चिन्हांकन आज ही कर वहां साफ-सफाई और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
तेज हवाओं से संभावित नुकसान को रोकने के लिए कलेक्टर ने जोखिमपूर्ण एवं झुकी हुई पेड़ की डालियों की छंटाई कराने और शहरों में कमजोर आधार वाले होर्डिंग हटाने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को कमजोर बिजली खंभों एवं संवेदनशील लाइनों पर नजर रखने को कहा गया। उन्होंने विशेष रूप से अस्पतालों और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी विद्युत व्यवस्था की जांच कर आपूर्ति सुचारु बनाए रखने की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने होमगार्ड एवं आपदा मोचन दल को राहत-बचाव के लिए तैयार रहने को कहा। रस्सा पार्टी, बोट, इमरजेंसी लाइट सहित सभी बचाव उपकरणों की जांच कर उन्हें कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए। स्थानीय स्तर पर कुशल तैराकों को चिन्हित कर उन्हें भी तैयार रखने को कहा गया। जिले के सभी थानों को अलर्ट रहने तथा एसडीएम को विकासखंड स्तर पर संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिम्मेदारियां और समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कलेक्टर ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। आपात स्थिति में किसी डॉक्टर अथवा कर्मचारी को ढूंढने की नौबत नहीं आनी चाहिए। जिन गर्भवती महिलाओं की प्रसव की संभावित तिथि 28 एवं 29 अक्टूबर है, उन्हें एक दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि खराब मौसम में अस्पताल पहुंचने में कठिनाई न हो और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
कलेक्टर ने गांवों एवं शहरों में मुनादी और माइक के माध्यम से लोगों को संभावित खराब मौसम एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने इन दिनों जलाशयों में घूमने आने वालों का प्रवेश बंद रखने को भी कहा। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री वीरेंद्र बहादुर पंचभाई सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


