कुकदा टेल एरिया में पानी के लिए हाहाकार: सूखी फसलें देख अन्नदाता का फूटा गुस्सा, प्रशासन को दिया उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम
नवागढ़/कुकदा: कुकदा क्षेत्र के टेल एरिया में पानी की एक-एक बूंद के लिए मच रहा हाहाकार अब बड़े भूचाल का रूप लेता जा रहा है। सिंचाई के लिए समय पर पर्याप्त पानी न मिलने के कारण सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन पर लहलहाती फसलें आंखों के सामने सूख चुकी हैं। मेहनत और लागत डूबने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात की नजाकत को देखते हुए किसानों का सब्र अब जवाब दे चुका है और उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी नहीं मिला, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। आज 26 अक्टूबर को कुकदा क्षेत्र के सैकड़ों किसान एकजुट होकर भारी आक्रोश के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुँचे और पानी की मांग को लेकर एक बार फिर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि वे लगातार अपनी इस समस्या को लेकर आवेदन दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद टेल एरिया तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँच रहा है। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर और अपनी जमा-पूंजी लगाकर खेतों में फसलें बोई थीं। उन्हें उम्मीद थी कि नहर के पानी से उनकी मेहनत रंग लाएगी, लेकिन कुकदा के टेल एरिया तक पहुँचते-पहुँचते पानी का प्रवाह पूरी तरह थम जाता है। पानी के आभाव में हरी-भरी फसलें पीली पड़कर सूख चुकी हैं। किसानों के लिए अपनी सूखी हुई फसलों को देखना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। कलेक्टर कार्यालय पहुँचे किसानों का आरोप है कि वे पिछले कई हफ्तों से लगातार जिला कलेक्टर और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। पानी की मांग को लेकर पहले भी कई लिखित आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती और अधिकारियों की उदासीनता के कारण सिर्फ कोरे आश्वासन ही हाथ लगे हैं। ज़मीन पर पानी की एक बूंद भी टेल एरिया तक नहीं पहुँचाई गई है, जिससे किसानों में रोष उफान पर है। किसानों का कहना है कि वे बार-बार अपनी गुहार लेकर कलेक्टर के पास गए और हाथ-पैर जोड़े कि फसलें सूख रही हैं, पानी छुड़वा दिया जाए, लेकिन अधिकारियों ने हर बार सिर्फ आश्वासन ही दिया। प्रशासनिक रवैये से त्रस्त होकर किसानों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे। उनकी मांग है कि कुकदा नहर के अंतिम छोर तक बिना किसी रुकावट के पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिन किसानों की फसलें सूखी हैं और बार-बार गुहार लगाने के बाद भी समय पर कदम न उठाने वाले सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
मांगे पूरी न होने पर उग्र आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी:- अन्नदाताओं ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है टेल एरिया तक पानी नहीं पहुँचाया गया, तो क्षेत्र के तमाम किसान एकजुट होकर उग्र धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम शुरू करेंगे। इस स्थिति में जो भी व्यवधान या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होगी, उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।


