ट्रक से 5 टन लोहा गायब कर गैरेज में छिपाया, बेचने से पहले गिरफ्तार
भाई के दस्तावेज से रची हेराफेरी की योजना
5 लाख रुपए के क्वायल बरामद तीन आरोपियों को पकड़ा
रायगढ़. औद्योगिक प्लांट से रायपुर भेजे जा रहे लोहे को रास्ते में ही ठिकाने लगाने की साजिश का पूंजीपथरा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ट्रक में लोड 38.900 टन लोहे में से करीब 5 टन के दो क्वायल गायब कर दिए गए थे। ट्रक चालक ने अपने भाई और एक गैरेज में काम करने वाले युवक के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। चोरी किए गए लोहे को रायगढ़ के एक गैरेज में छिपाकर रखा गया था, जिसे बाद में बेचने की तैयारी थी। पुलिस ने करीब 5 लाख रुपये कीमत के दोनों क्वायल बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2026 को चंद्रहासिनी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, गेरवानी से 38.900 टन लोहा ट्रक क्रमांक सीजी10बीएस7041 में लोड कर रायपुर की पवन पुत्र ट्यूब्स के लिए रवाना किया गया था। 11 सितंबर को ट्रक चालक मुरली साहू माल लेकर रायपुर पहुंचा। वहां धर्मकांटा में वजन कराने पर करीब 5 टन लोहा कम मिला। इसके बाद चालक ट्रक छोडक़र फरार हो गया। कंपनी के सेल्स एग्जीक्यूटिव अर्पित पांडेय ने 22 सितंबर को पूंजीपथरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने 30 अक्टूबर को ट्रक चालक मुरली साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें पता चला कि उसने अपने भाई चेतन साहू उर्फ रामजाने को ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज इस्तेमाल करने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने चेतन की तलाश शुरू की। 1 नवंबर को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरी साजिश सामने आ गई। चेतन ने बताया कि रायगढ़ में उसकी मुलाकात अजीत पेट्रोल पंप के पास स्थित हरिओम गैरेज की देखरेख करने वाले संतोष गुप्ता से हुई थी। दोनों ने मिलकर बाईपास रोड के एक उबड़-खाबड़ रास्ते पर ट्रक से लोहे के दो क्वायल उतारने और उन्हें बाद में बेचने की योजना बनाई थी। योजना के मुताबिक 9 सितंबर को ट्रक से दोनों क्वायल उतारकर हरिओम गैरेज में छिपा दिए गए। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पूंजीपथरा थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


