वोटर लिस्ट से गायब हुए 2.29 करोड़ नाम, अकेले यूपी में 90 फीसदी कटौती!
नयी दिल्ली . अगले साल विधानसभा चुनावों का सामना करने जा रहे पांच राज्यों-उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं। इन राज्यों में मतदाताओं की कुल संख्या में 13.24 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
एसआईआर प्रक्रिया से पहले इन पांच राज्यों में कुल मतदाता करीब 18.71 करोड़ थे, जो घटकर 16.43 करोड़ रह गए। इस तरह कुल 2.29 करोड़ (लगभग 12.2%) मतदाता सूची से कम हो गए। यह उल्लेखनीय है कि कुल गिरावट का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुआ है। यहाँ शुद्ध मतदाताओं की संख्या में 2.04 करोड़ यानी 13.24 प्रतिशत की कमी आई है। यूपी में पहले मतदाता 15.44 करोड़ थे, जो अब अंतिम सूची में 13.40 करोड़ रह गए हैं। उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त हो रहा है, जबकि 60 सदस्यीय मणिपुर, 40 सदस्यीय गोवा, 117 सदस्यीय पंजाब और 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों को समाप्त होगा। मसौदा सूची से देश भर में भारी संख्या में नाम हटाए गए थे, जिनमें से कुछ आपत्तियों और दावों के बाद दोबारा जोड़े भी गए। उदाहरण के लिए, पंजाब में हटाए गए नामों में से सबसे अधिक (लगभग 34 प्रतिशत) नाम वापस जोड़े गए। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत निर्वाचन आयोग को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले भी चुनाव कराने की अनुमति है।


